फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Auto News ›   Owning a car vs hiring Ola-Uber What does math say?

क्या पर्सनल कार से बेहतर है कैब से यात्रा करना, क्या कहते हैं यूजर्स? जानें

Sun, 15 Sep 2019 09:16 AM IST
Bani Kalra ऑटो डेस्क, अमर उजाला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला Published by: Bani Kalra Updated Sun, 15 Sep 2019 09:16 AM IST
विज्ञापन
Owning a car vs hiring Ola-Uber What does math say?
कैब या अपनी कार - फोटो : Amar Ujala

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अभी हाल ही में अपने एक बयान में कहा था कि ऑटो सेक्टर में छाई मंदी के लिए एप बेस्ड कैब सेवा कंपनी ओला और उबर को जिम्मेदार हैं। सीतारमण के अनुसार, भारत के युवा अपनी गाड़ी खरीदकर EMI भरने की बजाए ओला, उबर कार सर्विस का इस्तेमाल कर रहे हैं। जबकि इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की माने तो ऑटो सेक्टर पर आई मंदी के लिए ओला (Ola) और उबर (Uber) जिम्मेदार नहीं हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि अगर आप पांच साल किसी कैब या अपनी निजी नई कार खरीदकर इस्तेमाल करते हैं तो दोनों में से क्या आपको सस्ता पड़ता है।

विज्ञापन

कैब के जरिए यात्रा

अगर आप महीने में 22 दिन ऑफिस जाते हैं और इसके लिए कैब (WagonR) का इस्तेमाल करते हैं और आपका घर से ऑफिस आना-जाना 60 किलोमीटर है। इसके लिए  प्रतिदिन आपका कैब का खर्चा 600 रुपये आता है तो महीने का कैब का खर्चा 600x22=13,200 रुपये बनता है। वही पांच साल में आपका कैब का खर्चा 7.92 लाख रुपये आएगा।

 
 कैब से यात्रा करने के फायदे

  • ट्रैफिक में ड्राइव करने से आजादी मिलती है

  • आप टेंशन फ्री सफर करते हैं

  • पार्किंग का झंझट नहीं

  • नए ट्रैफिक नियमों के भारी-भरकम चालान से आजादी

  • सर्विस कराने से मुक्ति

  • हर साल इंश्योरेंस कराने से आजादी

  • PUC कराने से छुटकारा

विज्ञापन
विज्ञापन

पर्सनल कार से यात्रा

अब बात करते हैं पर्सनल कार की, यदि आप एक नई कार (मारुति सुजुकी वैगन-आर, LXi, 1.0 लीटर) खरीदते हैं जिसकी दिल्ली में ऑन रोड कीमत करीब पांच लाख रुपये है। अब मान लीजिये आप इस कार को 5 साल के लिए EMI पर लेते हैं। और ठीक उसी प्रकार इस्तेमाल करते हैं जैसे कैब, तो आपकी जेब पर कितना असर पड़ता है ? आइये जानते हैं...
 

मारुति सुजुकी वैगन-आर (पर्सनल कार के तौर पर)

  • मारुति सुजुकी वैगन-आर 1.0L (LXi )

  • ऑन रोड कीमत पांच लाख रुपये है

  • लोन राशि : 3.90 लाख रुपये  (5 साल)

  • डाउन पेमेंट: 1.10 लाख रुपये

  • EMI: 8,383 रुपये

  • रेट ऑफ इंटरेस्ट: 10.50 फीसदी

  • 5 साल में आप 1.12 रुपये एक्स्ट्रा देंगे

  • 5,00000+1,20,000=6.20 लाख रुपये (पांच साल में कुल कार की कीमत)

 

विज्ञापन

अब इन बातों पर करें गौर

तो यहां पांच साल में कार आपको 6.20 लाख रुपये की पड़ती है। अगर आप 22 दिन ऑफिस अपनी कार से जाते हैं, और आप रोजाना 60 किलोमीटर का सफर तय करते हैं। तो रोजाना आप अपनी यात्रा पर कितना खर्च करते हैं आइये समझते हैं...
 

  • मारुति सुजुकी वैगन-आर

  • माइलेज : 12-15 kmpl (औसतन)

  • रोजाना का सफर: 30 किलोमीटर

  • पेट्रोल की कीमत: 71.89 रुपये लीटर (14 सितम्बर 2019) 

  • औसतन रोजाना पेट्रोल की जरूरत: 3 लीटर, यानी 71.89X3=215 रुपये

  • पार्किंग चार्ज: 20 रुपये प्रति/घटें

  • 8 घटें की शिफ्ट के हिसाब से 160 रुपये पार्किंग

  • कुल खर्च: 215+160=375 रुपये रोजाना का खर्च (औसत) 

(लेकिन हकीकत यह है कि कोई भी अपनी कार में 215 रुपये का पेट्रोल तो डलवाता, दिल्ली के पेट्रोल पंप के मैनेजर से जब इस बारे में पूछा तो पता चला कि कार वाले कम से कम 500 रुपये का पेट्रोल डेली डलवाते हैं )
 

आप आपनी कार पर्सनल पेट्रोल और पार्किंग के अलावा इन चीजो पर भी खर्च करते हैं

  • हर साल इंश्योरेंस का खर्च कम से कम 12,000 रुपये

  • हर साल PUC का खर्चा 320 रुपये

  • सालाना मेंटिनेंस कॉस्ट करीब 9,000 रुपये

  • हर 2 साल बाद बैट्री पर होने वाला खर्च 3,824 

  • 3 साल बाद चारों टायर्स का कम से कम खर्च: 10,000 रुपये

ध्यान देने वाली बात

एक तरफ जहां आप ऑफिस आने-जाने कैब पर रोजाना 600 रुपये खर्च करने के अलावा दूसरा कोई पैसा खर्च नहीं करते वहीं अपनी पर्सनल कार खरीदने के बाद आपके खर्चे काफी बढ़ जाते हैं। एक मल्टी नेशनल कंपनी में काम करने वाले करन शर्मा बताते हैं कि मैं रोजाना मालवीय नगर से गुरुग्राम तक का सफ़र कैब से करता हूं और मेरा रोजाना का किराया 350 रुपये से आस-पास आता है। मुझे ट्रैफिक में कार चलाना पसंद नहीं है इसलिए मैं कैब का इस्तेमाल करता हूं।
 
वही रोहिणी से ओखला एक पीआर कंपनी में जॉब करने वाली नेहा शर्मा बताती है कि मैं अपनी कार से कई बार ऑफिस आती हूं लेकिन दिल्ली में इतना जाम लगता है कि रोजाना इतना दूर ड्राइव कर पाना मुश्किल है इसलिए मैं कैब से या फिर मेट्रो से सफर करती हूं, लेकिन अपनी कार से मैंने वीकेंड पर जाना पसंद करती हूं।

वहीं मुंबई में प्रोडक्शन हाउस में कम करने वाले नरेन्द्र खुराना बाते हैं कि मैं कैब का इस्तेमाल रोजाना नहीं करता क्योकिं मुझे दिन कई बार बार एक स्टूडियो से दूसरे स्टूडियो जाना पड़ता है ऐसे में मैं अपनी कार से जाना बेहतर समझता हूं, दो-तीन बार कैब से जाने की कोशिश की थी पर मुझे ज्यादा बिल चुकाना पड़ा

 

नतीजा

दोस्तों अब सवाल यह आता है कि क्या कैब वाकई पर्सनल कार से सस्ती पड़ती है ?  या पर्सनल कार ही बेहतर है? लोगों से बात करने के बाद भी हमें मिली जुली प्रकिया मिली हैं, कैब और पर्सनल कार दोनों के अलग-अलग फायदे हैं ऐसे में यह आपको तय करना है कि आपके लिए क्या बेहतर है।

   

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed