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खेती के लिए किसानों को नहीं खरीदने पड़ेंगे महंगे उपकरण, ओला-उबर की तरह ले सकेंगे किराये पर
Wed, 25 Sep 2019 08:57 AM IST
Harendra Chaudhary
ऑटो डेस्क, अमर उजाला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Wed, 25 Sep 2019 08:57 AM IST
सार
- 50 किलोमीटर के दायरे में मंगाए जा सकेंगे उपकरण खेती की जमीन के लिए
- 12 भाषाओं में लांच किया गया है एप, हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू शामिल
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agriculture equipment india
- फोटो : फाइल (सांकेतिक)
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विस्तार
वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए केंद्र सरकार ने उन्हें किराये पर महंगी मशीनरी और उपकरण उपलब्ध कराने का इंतजाम किया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को सीएचसी फार्म मशीनरी मोबाइल एप लांच किया। इससे पहले ट्रैक्टर की बुकिंग से लिए भी एप जारी किया जा चुका है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एप इस मौके पर कहा कि इसके जरिये किसान अपने खेत के 50 किलोमीटर दायरे में उपलब्ध खेती के उपकरण को मंगा सकेंगे। भारत की भाषाई विविधता को देखते हुए एप को बहुभाषी बनाया गया है। यह एप हिंदी और अंग्रेजी समेत 12 भाषाओं में उपलब्ध है। तोमर ने कहा कि मंत्रालय ने सभी कृषि मशीनरी कस्टम सेवा प्रदाताओं और किसानों को एक मंच पर लाने के लिए एंड्रायड प्लेटफॉर्म पर मोबाइल फोन एप विकसित किया है।
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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एप इस मौके पर कहा कि इसके जरिये किसान अपने खेत के 50 किलोमीटर दायरे में उपलब्ध खेती के उपकरण को मंगा सकेंगे। भारत की भाषाई विविधता को देखते हुए एप को बहुभाषी बनाया गया है। यह एप हिंदी और अंग्रेजी समेत 12 भाषाओं में उपलब्ध है। तोमर ने कहा कि मंत्रालय ने सभी कृषि मशीनरी कस्टम सेवा प्रदाताओं और किसानों को एक मंच पर लाने के लिए एंड्रायड प्लेटफॉर्म पर मोबाइल फोन एप विकसित किया है।
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अब तक 40 हजार केंद्र पंजीकृत
कृषि मंत्री ने कहा कि इस मोबाइल एप्लीकेशन पर अभी तक 40 हजार से भी अधिक कस्टम हायरिंग सेंटर पंजीकृत हो चुके हैं। इनके पास 1.20 लाख से भी अधिक उपकरण उपलब्ध हैं। कृषि मंत्री ने उम्मीद जताई कि इससे आम किसानों, कम जोत वाले सीमांत किसानों को अधिक लाभ होगा, क्योंकि वे ज्यादा महंगे उपकरण खरीद नहीं सकते। इन उपकरणों के उपयोग से किसानों की लागत कम होगी, उपज बढ़ेगी और उनकी आमदनी में भी इजाफा होगा।
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