बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाली गाड़ियों की न लें डिलीवरी, नहीं मिलेगा रजिस्ट्रेशन नंबर
- नंबर प्लेट पर बाईं तरफ बीच में नीले रंग से अंग्रेजी में इंडिया लिखा होगा।
- नंबर प्लेट एल्युमीनियम की बनी हुई होती है और इस पर एक होलोग्राम भी होगा, जिस पर चक्र बना होगा।
- नंबर प्लेट पर सात अंकों का आईडी नंबर होगा।
- नंबर प्लेट के कोने राउंड होंगे। इसके ऊपर लेजर से नंबर लिखे होंगे।
- नंबर प्लेट एक बार वाहन में लगने के बाद उसे खोला नहीं जा सकेगा।
- नंबर प्लेट पर आपका रजिस्ट्रेशन नंबर होता है। जिसे आसानी से हटाया नहीं जा सकता।
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विस्तार
इस साल अगस्त महीने से बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले नए वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। सड़क परिवहन मंत्रालय वाहनों के रजिस्ट्रेशन वाले वाहन सॉफ्टवेयर को अपडेट कर रहा है। जुलाई महीने के अंत तक यह सॉफ्टवेयर अपडेट कर दिया जायेगा। डाटाबेस अपडेट होने बाद सामान्य नंबर प्लेट वाली गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन करना मुश्किल हो जायेगा।
इसलिए जरूरी है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
मंत्रालय के एक अधिकारी ने मुताबिक, मंत्रालय की तरफ से सभी गाड़ियों के लिए 1 अप्रैल 2019 से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लागू की जा चुकी हैं। जबकि इससे संबंधित सभी नोटिफिकेशन भी तीन महीने पहले जारी हो चुके हैं। इसके बावजूद कई RTO नियमों की अनदेखी करते हुए नार्मल नंबर प्लेट के साथ नई गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं। इसी को देखते हुए मंत्रालय ने यह कदम उठाया है। मंत्रालय का कहना है कि ऑटो डीलरों हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के बाद उसे वाहन डाटाबेस से भी लिंक करना जरूरी होगा।
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की खूबियां
डेटाबेस से जुड़ेगी नंबर प्लेट
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट को सरकार के वाहन डेटाबेस से भी जोड़ा जाएगा, ताकि वाहन चोरी के मामलों में कमी आ सके। इसके अलावा तीसरा रजिस्ट्रेशन मार्क में प्रदूषण की रोकथाम के लिए गाड़ी में इस्तेमाल हो रहे इंधन की कलर कोडिंग की जाएगी, जिसे विंड शील्ड पर लगाया जाएगा।
एचएसआरपी के क्या हैं फायदे
एचएसआरपी से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। इसमें मौजूद रजिस्ट्रेशन मार्क, क्रोमियम-बेस्ड होलोग्राम स्टिकर ऐसे होंगे कि निकालने पर कोशिश पर खराब हो जाएंगे। इस पर लगे स्टिकर में गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ, रजिस्टर्ड अथॉरिटी, लेजर ब्रांडेड परमानेंट नंबर, इंजन और चेसिस नंबर तक की जानकारी होगी।
पुराने वाहनों के लिए नीति
मंत्रालय के मुताबिक मौजूदा वाहनों पर भी हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाई जाएगी, जो तीसरे रजिस्ट्रेशन मार्क के साथ आएगी। मौजूदा वाहनों पर नंबर प्लेट राज्य सरकारों द्वारा अधिसूचित हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट निर्माता या सप्लायर डीलरों को सप्लाई करेंगे, जो पुराने वाहनों पर लगाएंगे।
मिलेगी वारंटी
नए वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट पर पांच साल की गारंटी भी दी जाएगी। मिलेगी। इसमें तीसरा रजिस्ट्रेशन मार्क को एक बार निकाले पर यह प्लेट खराब हो जाएगी। वहीं नए वाहनों पर नंबर प्लेट के लिए कोई अतिरिक्त रकम का भुगतान नहीं करना होगा। वहीं पुराने वाहनों पर नंबर प्लेट लगाने की कीमत पर मंत्रालय का जवाब स्पष्ट नहीं है, जिसके लिए डीलर से संपर्क करना होगा।