मंदी से आहत मारुति त्यौहारों से ठीक पहले घटाएगी प्रोडक्शन, केवल एक शिफ्ट में होगा काम
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मंदी से घबराई मारुति सुजुकी ने अपनी प्लांट्स की उत्पादन क्षमता घटाने का फैसला किया है। मारुति ने अपने प्लांट में केवल एक ही शिफ्ट्स लागू करने का फैसला किया है। कारों की बिक्री में आ रही गिरावट और सरप्लस इनवेंट्री को देखते हुए मारुति ने ये फैसला किया है। इससे पहले मारुति ने अपने 1,181 अस्थायी कर्मचारियों की छंटनी करने का कदम उठाया था।
गुजरात प्लांट में भी लागू होगा फैसला!
न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी के मानेसर स्थित प्लांट में केवल एक शिफ्ट लागू करने का फैसला किया गया है। आगामी त्यौहारी सीजन आने के बावजूद मारुति को उत्पादन बढ़ाने की बजाय उत्पादन घटाने का फैसला किया है। वहीं मारुति गुजरात प्लांट में भी इस योजना को लागू कर सकती है।
मानेसर प्लांट की सालाना बनती हैं 7,50,000 गाड़ियां
मानेसर प्लांट की सालाना क्षमता 7,50,000 यूनिट्स की है, वहीं यहां पर अर्टिगा, वैगन-आर, स्विफ्ट, डिजायर और बलेनो कारों का निर्माण किया जाता है। खबरों के मुताबिक इन कारों का निर्माण कम होने से हजारों अस्थाई कर्मचारियों की नौकरी पर संकट छा गया है। क्योंकि बाकी के प्लांट्स में भी इस योजना को लागू किया जा रहा है।
तीन दिनों के शटडाउन की योजना
मारुति ने ये फैसला उत्पादन क्षमता को नियंत्रित करने के लिए लिया है। इसके लिए वह समय समय पर प्लांट्स को बंद करती रही है। अगस्त में, ओणम और गणेश चतुर्थी त्योहारों से ठीक एक महीने पहले, कम से कम तीन दिनों के शटडाउन की योजना है, और ये कटौती मूल आउटपुट शेड्यूल में नहीं थी। वहीं वित्त वर्ष 2019-20 में अब तक, Maruti Suzuki ने उत्पादन में 10% की कटौती की है।
1181 लोगों की सेवाएं समाप्त
इससे पहले न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक कंपनी ने संख्या में छह फीसदी कटौती की है। कंपनी ने अपने नियमित कर्मचारियों के बजाए सबसे पहले ठेके (संविदा) पर रखे कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है। 30 जून तक ऐसे कर्मचारियों की संख्या 18845 थी, जिसमें से 1181 लोगों की सेवाओं को समाप्त कर दिया गया है। ऐसा पहली बार हुआ जब शेयर बाजार में सूचीबद्ध किसी कंपनी ने इस बारे में बताया है।