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मारुति, होंडा का सीएनजी व हाइब्रिड कारों पर दांव, प्रदूषण को कम करने में करेंगी सरकार का सहयोग
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 30 Apr 2018 04:56 PM IST
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देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया और जापानी कार बनाने वाली प्रमुख कंपनी होंडा अब सीएनजी सहित इलेक्ट्रिक व हाइब्रिड कारों के निर्माण पर अपनी फोकस करेंगी। इन दोनों कंपनियों का मकसद देश में प्रदूषण को कम करने में सरकार की मदद करने के अलावा तेल के आयात बिल को भी कम करने का है।
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इलेक्ट्रिक के अलावा सीएनजी पर भी होगा फोकस
मारुति सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन पर ही नहीं बल्कि अन्य वैकल्पिक तकनीक के विकास पर भी तेजी से काम करना चाहती है, जिनमें सीएनजी से चलने वाली कार और हाइब्रिड वाहन शामिल हैं। यह बात कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने कही। देश में सीएनजी से चलने वाले वाहनों पर तेजी से आगे बढ़ने के लिए कंपनी सरकार और तेल कंपनियों के साथ साझेदारी करना चाहती है।
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देश में लाना चाहते हैं स्वच्छ कार
कंपनी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने कहा कि हम सीएनजी, हाइब्रिड तथा अन्य वैकल्पिक तकनीक के प्रयोग पर आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी तेल आयात तथा प्रदूषण घटाने में मदद करना चाहती है। उन्होंने कहा कि हम देश में स्वच्छ कार लाना चाहते हैं। हम तेल आयात घटाना चाहते हैं। हम प्रदूषण कम करना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य सरकार के जैसा ही है। इसके लिए हम बैटरी की कीमत घटने की उम्मीद पर पूरी तरह से निर्भर नहीं हैं। हम अन्य वैकल्पिक तकनीक पर भी गौर कर रहे हैं।
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पर्यावरण अनुकूल वाहन के लिए स्पष्ट नीति नहींः होंडा
स्पष्ट नीतिगत ढांचे के अभाव में देश में पर्यावरण अनुकूल वाहन तकनीक लाना एक चुनौती है। यह बात जापानी वाहन कंपनी होंडा ने कही। कंपनी ने कहा कि वह देश में मोटे तौर पर तकनीक का प्रदर्शन करने के लिए ही हाइब्रिड वाहन बेचेगी, क्योंकि मौजूदा कर ढांचे ने वाहनों की बिक्री को बुरी तरह से प्रभावित किया है। कंपनी ने कहा है कि 2030 तक उसका दो-तिहाई उत्पादन गैर-पारंपरिक (हाइब्रिड, प्लग-इन, इलेक्ट्रिक या फ्यूल शेल) वाहनों का होगा।
थाइलैंड से आयात होती है कार
होंडा मोटर कंपनी की कंपनी होंडा कार्स इंडिया देश में होंडा एकॉर्ड हाइब्रिड बेचती है, जिसका पूरी तरह से तैयार वाहन के रूप में थाईलैंड से आयात किया जाता है। गत साल जीएसटी लागू होने के बाद कर बढ़ाए जाने से इस मॉडल का मूल्य बढ़ाना पड़ा, जिसके बाद इसकी बिक्री प्रभावित हुई है। होंडा कार्स इंडिया के सीनियर वीपी ओर निदेशक विपणन एवं बिक्री राजेश गोयल ने यहां एक साक्षात्कार में कहा कि जब तक नीति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक मुद्दा बना रहेगा। तकनीक की उपलब्धता समस्या नहीं है।