लंबा इंतजार नागवार: कार की जल्द डिलीवरी के लिए ग्राहक कर रहे हैं कई गाड़ियों की बुकिंग, ऑटो सेक्टर में भी आया फ्लैश सेल का ट्रेंड
बाजार में एक नया ट्रेंड ये भी आ रहा है कि जहां ग्राहक पहले एक ही गाड़ी की बुकिंग कराते थे, लेकिन अब लंबी वेटिंग लिस्ट के चलते मल्टीपल बुकिंग करा रहे हैं। यहां तक वही व्हीकल अलग-अलग डीलर्स के यहां बुक कर रहे हैं, वहीं कुछ ग्राहक जल्दी डिलीवरी के लिए दूसरे ब्रांड भी बुक कर रहे हैं...
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भारतीयों में ऊंची, लंबी और ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस वाली एसयूवी गाड़ियों के प्रति मोह लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां तक कि उन्हें लंबे वेटिंग पीरियड से भी कोई दिक्कत नहीं है। महिंद्रा थार पर तकरीबन साल भर की वेटिंग है। थार को लॉन्चिंग से लेकर अभी तक 75 हजार से ज्यादा बुकिंग मिल चुकी हैं। उसके कुछ वैरिएंट्स के वेटिंग पीरियड का हाल ये है कि आज की तारीख में अगर बुकिंग कराएं तो किसी भी सूरत में अगले साल की छमाही के बाद ही डिलीवरी मिलेगी। कुछ ऐसा ही हाल ही में लॉन्च Mahindra XUV700 के साथ देखने को मिल रहा है। पिछले महीने लॉन्च हुई VW Taigun की बुकिंग 16 हजार को पार कर चुकी है। Hyundai Creta पर वेटिंग पीरियड 9 महीने तक का है। खास बात यह है कि महामारी के चलते जहां अर्थव्यवस्था दबाव में है, वहीं एसयूवी की बुकिंग के लिए सबसे ज्यादा लंबी कतार टॉप वैरिएंट्स के लिए है।
टेस्ट ड्राइव के लिए भी लंबा इंतजार
महिंद्रा की XUV700 के प्रति लोगों का आकर्षण इतना जबरदस्त था कि जब पहली बार अक्तूबर की शुरुआत में यह एसयूवी शोकेस के लिए पहली बार कंपनी के शोरूम्स में पहुंची तो, लोगों की खासी भीड़ थी। यहां तक कि शोरूम के अंदर गाड़ी के फीचर्स को देखने के लिए भावी ग्राहकों की लंबी कतार थी और टोकन सिस्टम के जरिए ही दीदार हो पा रहे थे। उसके बाद टेस्ट ड्राइव लेने के इच्छुक ग्राहकों को तीन घंटे तक तक का इंतजार करना पड़ रहा था, वह भी तब जब शोरूम पर टेस्ट ड्राइव के लिए 5-6 गाड़ियां उपलब्ध थीं। वहीं जब सात अक्तूबर को बुकिंग शुरू हुई तो पहले चरण में ही एक घंटे के अंदर ही बुकिंग का आंकड़ा 25 हजार को पार कर गया। बुकिंग कराने के इच्छुक कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने देरी की और उन्हें बाद में बुकिंग के लिए ज्यादा दाम चुकाने पड़े। कंपनी ने पहली 25 हजार गाड़ियों की बुकिंग के लिए 21,000 रुपये राशि रखी थी, अगले दिन 25 हजार गाड़िया 50 हजार रुपये के राशि के साथ मात्र दो घंटे में ही बुक हो गईं। लोगों का कहना है कि यह सब एक फ्लैश सेल की लग रहा था, जिन लोगों को पहले दिन बुकिंग नहीं मिल पाई वे अगले दिन सुबह 9.30 बजे ही कंप्यूटर ऑन करके बैठ गए और 10 बजे जैसे ही बुकिंग खुली, गाड़ी बुक कर दी।
XUV700 के साथ यह कुछ ऐसा ही था जैसे Ford 150 Lighting और Tesla Cyber Truck के साथ हुआ था। दुनिया के कई देशों के लोगों को इनकी लॉन्चिंग का इंतजार था और ऑनलाइन बुकिंग में इन वाहनों का खासा रेस्पॉन्स मिला था। मौजूदा हालात में एक तो पहले ही चिप की शॉर्टेज के चलते गाड़ियों का प्रोडक्शन घटा है, वहीं रिकॉर्ड बुकिंग से वेटिंग लिस्ट में अच्छा खासा इजाफा हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक इस समय नई कारों की करीब पांच लाख से ज्यादा बुकिंग पेंडिंग हैं, जिसकी अनुमानिक कीमत 35 हजार करोड़ रुपये के आसपास है। जबकि डीलर्स के पास स्टॉप आने में 4-6 हफ्ते लग रहे हैं।
ज्यादा बुकिंग का नुकसान बाकी कंपनियों के ग्राहकों भी
वहीं एसयूवी के मामले में ही ऐसा नहीं हुआ है, बल्कि दोपहिया वाहनों के साथ भी ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है। हाल ही में ओला के इलेक्ट्रिक स्कूटर को लेकर लोगों का जबरदस्त रेस्पॉन्स देखने को मिला था। अकेले दो दिन में ही ओला के इलेक्ट्रिक स्कूटर को 1100 करोड़ के ऑर्डर मिले थे। उसकी भी बुकिंग फ्लैश सेल के जैसे हुई थी। बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि पहले ही ऑटोमोबाइल सेक्टर चिप शॉर्टेज से जूझ रहा है, वहीं इतनी जबरदस्त बुकिंग से चिप की डिमांड और बढ़ेगी, जिसका असर वेटिंग पीरियड पर दिखेगा और खामियाजा दूसरी कंपनियों के ग्राहकों को भी भुगतना पड़ेगा। आम तौर पर बाजार में 2.30 से 2.50 लाख तक की बुकिंग्स लंबित हैं। जबकि मौजूदा ऑर्डर बुक दोगुने से भी ज्यादा है, जबकि चैनल स्टॉक लगभग आधा है, जो उत्पादन में कटौती के बीच की कमी को बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक लंबी वेटिंग लिस्ट दिखाती है कि मांग जबरदस्त है, लेकिन चिप शॉर्टेज के चलते सप्लाई त्योहारी सीजन को देखते हुए बेहद कम है।
बुकिंग अमाउंट में कोई कटौती नहीं
वहीं बाजार में एक नया ट्रेंड ये भी आ रहा है कि जहां ग्राहक पहले एक ही गाड़ी की बुकिंग कराते थे, लेकिन अब लंबी वेटिंग लिस्ट के चलते मल्टीपल बुकिंग करा रहे हैं। यहां तक वही व्हीकल अलग-अलग डीलर्स के यहां बुक कर रहे हैं, वहीं कुछ ग्राहक जल्दी डिलीवरी के लिए दूसरे ब्रांड भी बुक कर रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक अधिकांश मामलों में बुकिंग फीस रिफंडेबल होती है और ग्राहकों के लिए भी यह सुविधाजनक है। किआ को छोड़ दें तो तकरीबन सभी कंपनियां बुकिंग अमाउंट बिना किसी कटौती के वापस कर देती हैं। कुछ लोग मौजूदा हालातों की तुलना उस वक्त से कर रहे हैं, जब मारुति ने अपनी पहली गाड़ी देश में लॉन्च की थी, तो दो से पांच साल में उसकी डिलीवरी मिलती थी।