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भारत का पहला इलेक्ट्रिक-व्हीकल-ओनली जोन: गुजरात की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र में जल्द चलेंगे सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन
Mon, 07 Jun 2021 12:09 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 07 Jun 2021 12:09 PM IST
सार
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी एरिया डेवलपमेंट एंड टूरिज्म गवर्नेंस अथॉरिटी (SOUADTGA) ने कहा है कि वह गुजरात के केवड़िया में स्थित इस क्षेत्र को वाहनों के प्रदूषण से मुक्त क्षेत्र के तौर पर विकसित करेगा।
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Statue of Unity
- फोटो : For Representation Only
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विस्तार
गुजरात का स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र भारत का पहला इलेक्ट्रिक व्हीकल-ओनली जोन बनने वाला है। यानी इस इलाके में सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन ही चलाए जा सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह अहम कदम उठाने का एलान किया। इसके एक दिन बाद, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी एरिया डेवलपमेंट एंड टूरिज्म गवर्नेंस अथॉरिटी (SOUADTGA) ने कहा है कि वह गुजरात के केवड़िया में स्थित इस क्षेत्र को वाहनों के प्रदूषण से मुक्त क्षेत्र के तौर पर विकसित करेगा।
प्राधिकरण ने रविवार को एक बयान में कहा कि केवड़िया में 182 मीटर ऊंचे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास के क्षेत्र को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक-व्हीकल-ओनली जोन में तब्दील किया जाएगा। बयान में कहा गया, "प्राधिकरण के अधिकार में आने वाले क्षेत्र में, सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों को चलने की अनुमति होगी। पर्यटकों के लिए चलने वाली बसें भी डीजल के बजाय बैटरी वाली होंगी।"
शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भविष्य में केवड़िया में सिर्फ बैटरी आधारित बसें, दोपहिया और चार पहिया वाहन चलाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इस घोषणा से पहले ही प्रधानमंत्री मोदी ने 2019 में सिर्फ केवड़िया में इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को प्राथमिकता देने का फैसला किया था।
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प्राधिकरण ने रविवार को एक बयान में कहा कि केवड़िया में 182 मीटर ऊंचे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास के क्षेत्र को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक-व्हीकल-ओनली जोन में तब्दील किया जाएगा। बयान में कहा गया, "प्राधिकरण के अधिकार में आने वाले क्षेत्र में, सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों को चलने की अनुमति होगी। पर्यटकों के लिए चलने वाली बसें भी डीजल के बजाय बैटरी वाली होंगी।"
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शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भविष्य में केवड़िया में सिर्फ बैटरी आधारित बसें, दोपहिया और चार पहिया वाहन चलाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इस घोषणा से पहले ही प्रधानमंत्री मोदी ने 2019 में सिर्फ केवड़िया में इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को प्राथमिकता देने का फैसला किया था।
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इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए मिलेगी सब्सिडी
योजना के तहत सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा के आसपास रहने वाले स्थानीय निवासियों को इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन खरीदने में मदद की जाएगी। SOUADTGA ने कहा कि वह इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए सब्सिडी भी देगी।
SOUADTGA ने कहा, "लाभार्थी अधिकारियों/कर्मचारियों को सब्सिडी के अलावा अन्य राशि का भुगतान करना होगा। इसके साथ ही उनके वेतन से लोन की राशि को आसान किश्तों में काटने की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। लाभार्थियों को यह गारंटी देनी होगी कि वे इस इलाके में पेट्रोल-डीजल वाहनों नहीं चलाएंगे।"
एजेंसी के अनुसार, शुरुआत में प्राधिकरण के तहत क्षेत्र में कम से कम 50 ई-रिक्शा चलाने की अनुमति होगी। इन ई-रिक्शा के चालक के रूप में महिलाओं को वरीयता मिलेगी। केवड़िया स्थित कौशल विकास केंद्र में महिला चालकों को मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाएगा।
क्षेत्र में अलग से वर्कशॉप और चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किया जाएगा। एजेंसी ने क्षेत्र में ई-रिक्शा चलाने वाली कंपनी को एक स्मार्ट मोबाइल एप विकसित करने के लिए भी कहा है, जिसमें इन ई-वाहनों के किराए के अलावा पर्यटकों के आकर्षण के बारे में अन्य जानकारी का भी जिक्र होगा।
SOUADTGA ने कहा, "लाभार्थी अधिकारियों/कर्मचारियों को सब्सिडी के अलावा अन्य राशि का भुगतान करना होगा। इसके साथ ही उनके वेतन से लोन की राशि को आसान किश्तों में काटने की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। लाभार्थियों को यह गारंटी देनी होगी कि वे इस इलाके में पेट्रोल-डीजल वाहनों नहीं चलाएंगे।"
एजेंसी के अनुसार, शुरुआत में प्राधिकरण के तहत क्षेत्र में कम से कम 50 ई-रिक्शा चलाने की अनुमति होगी। इन ई-रिक्शा के चालक के रूप में महिलाओं को वरीयता मिलेगी। केवड़िया स्थित कौशल विकास केंद्र में महिला चालकों को मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाएगा।
क्षेत्र में अलग से वर्कशॉप और चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किया जाएगा। एजेंसी ने क्षेत्र में ई-रिक्शा चलाने वाली कंपनी को एक स्मार्ट मोबाइल एप विकसित करने के लिए भी कहा है, जिसमें इन ई-वाहनों के किराए के अलावा पर्यटकों के आकर्षण के बारे में अन्य जानकारी का भी जिक्र होगा।
देश की पहली इलेक्ट्रिक वाहन पर्यटन योजना
SOUADTGA ने कहा, "गौरतलब है कि केवड़िया में प्रदूषण फैलाने वाला कोई उद्योग नहीं हैं और दो जलविद्युत पावर प्लांट्स हैं। यह प्लांट प्रचुर मात्रा में पर्यावरण के अनुकूल बिजली पैदा करते हैं। सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए क्षेत्र को आरक्षित करने से वायु और ध्वनि प्रदूषण कम होगा और इस अद्वितीय पर्यटन स्थल के आकर्षण में इजाफा करेगा।"
देश की पहली इलेक्ट्रिक वाहन पर्यटन योजना केवडिया में शुरू की गई थी। यहां ईको-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक बाइक्स भी लॉन्च की गईं। इन ई-बाइक्स को चलाने के लिए दो घंटे का किराया 1500 रुपये रखा गया है।
देश की पहली इलेक्ट्रिक वाहन पर्यटन योजना केवडिया में शुरू की गई थी। यहां ईको-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक बाइक्स भी लॉन्च की गईं। इन ई-बाइक्स को चलाने के लिए दो घंटे का किराया 1500 रुपये रखा गया है।