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प्रदूषण बढ़ा तो 10 साल पुराने वाहन बन सकते हैं कबाड़, सरकार ला रही है यह योजना

Fri, 14 Jun 2019 06:13 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 14 Jun 2019 06:13 PM IST
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if air pollution rise, government could declare more than 10 year commercial vehicles to be scrap
Jam in city

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि 10 साल से ज्यादा पुराने कमर्शियल वाहनों को कबाड़ करार देने का फैसला अभी लंबित है और फिलहाल सरकार वायु प्रदूषण के स्तर पर निगाह रखे हुए है, जिसके बाद इस फैसले को लागू किया जाएगा।

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नया वाहन खरदीने पर मिलेगी छूट

हालांकि गडकरी ने साफ किया कि 15 साल पुरानी बस और ट्रकों पर प्रतिबंध लगाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। सीआईआई के कार्यक्रम के बाद गडकरी ने पत्रकारों को बताया कि हम एक नीति बनाएंगे जिसमें 10 साल से ज्यादा पुराने वाहनों को कबाड़ में बदला जाएगा। वहीं वाहन की कीमत मूल वाहन की लागत का 10 से 15 प्रतिशत आंकी जाएगी। अगर वाहन की कीमत 10 लाख रुपये है, तो कबाड़ वाहन की कीमत 10 फीसदी होगी और नया कमर्शियल वाहन खरीदते वक्त टैक्स में छूट और दूसरे डिस्काउंट भी दिए जाएंगे।
 

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प्रदूषण के लिए पुराने वाहन और पुरानी टेक्नोलॉजी जिम्मेदार

गडकरी ने बताया कि देश में प्रदषण में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए ऐसी नीति को लागू किए जाने की जरूरत है, क्योंकि इसके लिए पुराने वाहन और पुरानी टेक्नोलॉजी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण हमारे देश के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है और पर्यावरण पर पेरिस में हुई क्लाइमेट कॉन्फ्रेंस में जो संदेश दिया गया था, उस पर ध्यान देने की जरूरत है।
 

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10 साल पुराने कमर्शियल वाहनों का प्रदूषण जांचेंगे

वहीं 15 साल पुराने कमर्शियल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने वाले सवाल का जवाब देते हुए गडकरी ने कहा कि पहले 10 साल से ज्यादा पुराने कमर्शियल वाहनों का प्रदूषण जांचने के लिए जल्द ही एक नीति बनाई जाएगी और कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा। वहीं 15 साल पुराने कमर्शियल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
 

1 अप्रैल 2020 से है देश की सड़कों से हटाने की योजना

इससे पहले सरकार 2018 में एक नीति लाई थी, जिसके तहत 1 अप्रैल 2020 से देश की सड़कों पर पुराने वाहनों को चलने नहीं दिया जाएगा। वहीं वाहन कबाड़ नीति को और आकर्षक बनाने पर काम चल रहा है। वाहन कबाड़ नीति में 15 साल से ज्यादा पुराने कमर्शियल वाहन कबाड़ करार देने वालों को कम से कम 15 लाख रुपए तक के नए कमर्शियल वाहन की खरीद पर तकरीबन 5 लाख रुपए तक की छूट दी जाएगी। इस नीति को प्रधानमंत्री कार्यालय से भी सैंद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। जिसका मकसद 20 साल पुराने कमर्शियल वाहनों को सड़क से हटाना था।     
 

ऐसे 2.8 करोड़ वाहन हैं सड़क पर

सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय की इस नीति को स्वैच्छिक वाहन बेड़ा आधुनिकीकरण कार्यक्रम नाम दिया था। इसके तहत 2.8 करोड़ वाहनों को सड़क से हटाना था, जिससे ऑटो सेक्टर को फायदा होगा और सरकार को 10 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। इसके तहत 31 मार्च 2005 से पहले खरीदे वाहनों को सड़क से हटाने का प्रस्ताव है।   
 

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