अब कारें होंगी ज्यादा सुरक्षित, जुड़ेंगे ये सेफ्टी फीचर्स
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साल 2019 में आॅटो क्षेत्र में कई बड़े और अहम बदलाव देखने को मिलेंगे। जिन्हें सरकार ने आम आदमी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया है। यानी 2019 में वाहनों को पूरी तरह से सेफ किए जानें में कोई कमी नहीं रहेगी। इन बदलावों में एबीएस एक सबसे बड़ा बदलाव होगा।
जिसे सरकार ने अप्रैल 2019 से लागू करने जा रही है। यानी बाजार में अप्रैल 2019 के बाद बिना एबीएस का कोई भी वाहन नहीं बेचा जाएगा। जिसके चलते सभी कंपनियों अपने वाहनों को एबीएस से लैस कर पेश भी कर रही हैं। इसके अलावा सीट बेल्ट अलर्ट, रिवर्स पार्किंग सेंसर और स्पीड अलर्ट के साथ बाजार में आने से पहले सभी गाड़ियों का क्रैश टेस्ट में पास होना अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही 2023 तक कारों में इलेक्ट्रॉनिक स्टैबिलिटी कंट्रोल और ऑटोमैटिक ब्रेकिंग सिस्टम जैसे भी सेफ्टी फीचर्स अनिवार्य हो जाएंगे। इन फीचर्स के आने से भारत सेफ्टी फीचर्स के मामले में कई यूरोपीय देशो को पीछे छोड़ देगा। आंकड़ों की मानें तो साल 2017 में करीब 26 हजार से अधिक लोगों की मौत कार दुर्घटना में हुई है।
एक नजर भारत में लागू होने वाले कुछ सेफ्टी फीचर्स पर
ABS (टू-वीलर्स, कार और मिनी बसों में जरूरी) - अप्रैल 2018 (नए मॉडल्स), अप्रैल 2019 (मौजूदा मॉडल्स)
कारों में सीट बेल्ट अलर्ट, स्पीड अलर्ट, एयरबैग व रिवर्स पार्किंग सेंसर - जुलाई 2019 (सभी मॉडल्स)
कारों में इलेक्ट्रॉनिक स्टैबिलिटी कंट्रोल (ESC) और ऑटोमैटिक ब्रेकिंग - अप्रैल 2023
थ्री-वीलर्स में ड्राइवर के लिए सीटबेल्ट और साइड डोर - दिसंबर 2020