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HDFC बैंक कार लोन के साथ दे रही थी एक खास GPS डिवाइस: सूत्र
Wed, 22 Jul 2020 06:15 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 22 Jul 2020 06:15 PM IST
सार
- आरोप हैं कि जीपीएस उपकरणों को लोन के साथ दिया जा रहा था और जिन लोगों ने इसे लेने से इनकार किया था, उन्हें आमतौर पर लोन की मंजूरी नहीं दी गई।
- एचडीएफसी बैंक के एक प्रवक्ता ने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं कि इस मामले में हमें जो कहना था, हमने कह चुके हैं। इसमें और बोलने के लिए कुछ भी नहीं है।"
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Car GPS Tracker
- फोटो : For Reference Only
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विस्तार
नियामक दिशानिर्देशों के संभावित उल्लंघन के एक मामले में एचडीएफसी बैंक के कर्जदारों को दिसंबर 2019 तक लगभग चार साल के लिए कार खरीदने के साथ ही जीपीएस डिवाइस लेने पर भी मजबूर होना पड़ा। एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है।
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सूत्रों के अनुसार, देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक ने व्हीकल लोन लेने वाले ग्राहकों को 2015 से 2019 के दौरान 18,000 से 20,000 रुपये की कीमत वाले ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) उपकरणों को लेने के लिए मजबूर किया। कथित तौर पर, खास तौर के ये जीपीएस डिवाइस हितों के टकराव और नियामक मानदंडों के उल्लंघन का संकेत दे रहे थे।
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इस मुद्दे पर, एचडीएफसी बैंक के एक प्रवक्ता ने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं कि इस मामले में हमें जो कहना था, हमने कहा है (श्री पुरी का एजीएम संबोधन)। और इसमें और बोलने के लिए कुछ भी नहीं है।"
एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी आदित्य पुरी ने शनिवार को वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा था कि "व्यक्तिगत कदाचार" का प्रदर्शन करने के लिए ऑटो लोन व्यवसाय के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ "अनुशासनात्मक कार्रवाई" की गई है।
एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी आदित्य पुरी ने शनिवार को वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा था कि "व्यक्तिगत कदाचार" का प्रदर्शन करने के लिए ऑटो लोन व्यवसाय के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ "अनुशासनात्मक कार्रवाई" की गई है।
पुरी ने व्हिसलब्लोअर शिकायतों के बाद शुरू की गई एक जांच द्वारा पाए गए किसी "हितों का टकराव" की बात से इनकार किया। पुरी ने कहा था, "पूछताछ में व्यक्तियों के एक समूह द्वारा किए गए व्यक्तिगत कदाचार से संबंधित एक और पहलू सामने आया, जिसके लिए उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।"
आरोप हैं कि जीपीएस उपकरणों को लोन के साथ दिया जा रहा था और जिन लोगों ने इसे लेने से इनकार किया था, उन्हें आमतौर पर लोन की मंजूरी नहीं दी गई।
आरोप हैं कि जीपीएस उपकरणों को लोन के साथ दिया जा रहा था और जिन लोगों ने इसे लेने से इनकार किया था, उन्हें आमतौर पर लोन की मंजूरी नहीं दी गई।
बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949, कुछ कार्यों को निर्धारित करता है जो एक बैंक के ऋणदाता के रूप में अपनी भूमिका से अलग हो सकते हैं। इन्हें 15 व्यापक उप-श्रेणियों के तहत परिभाषित किया गया है और अधिनियम स्पष्ट रूप से कहता है कि "कोई भी बैंकिंग कंपनी उप-धारा (1) में बताए गए नियमों के अलावा अन्य किसी भी व्यवसाय में शामिल नहीं होगी।"
मार्च में दो पोस्ट-रिटायरमेंट एक्सटेंशन प्राप्त करने के बाद सुरक्षित वाहन ऋण के एक पूर्व समूह प्रमुख को एक्सटेंशन देने से मना कर दिया गया था। बैंक के खुदरा ऋण में ऑटो ऋणों ने करीब 20 फीसदी की हिस्सेदारी दी और उसकी कुल संपत्ति का दसवां हिस्सा था। जून 2020 तक बकाया ऑटो ऋण घटकर 81,082 करोड़ हो गया, जो मार्च में 83,935 करोड़ था और एक साल पहले की अवधि में 81,913 करोड़ था।
गौरतलब है कि साल के ज्यादातर समय में ऑटो की बिक्री भी बहुत धीमी गति से हुई थी।
गौरतलब है कि साल के ज्यादातर समय में ऑटो की बिक्री भी बहुत धीमी गति से हुई थी।