पेट्रोल, CNG से चलने वाले दो पहिया-तिपहिया वाहनों पर रोक लगाएगी सरकार
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सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार पेट्रोल और सीएनजी से चलने वाले दोपहिया और तिपहिया वाहनों पर अगले छह सालों में पूरी तरह से प्रतिबंध लगा देगी। सरकार का थिंक टैंक नीति आयोग पहले ही साफ कर चुका है कि 2023 से इसकी शुरुआत हो जाएगी।
इंटरनल कम्बस्चन इंजन वाहनों पर बैन
लोकसभा में एक सवाल का जवाब दे हुए केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि एक्शन प्लान के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए 14 मई 2019 को नीति आयोग की तरफ से आयोजित नेशनल मिशन फॉर ट्रांसफोरमेटिव मोबिलिटी एंड बैटरी स्टोरेज कार्यक्रम में इंटरनल कम्बस्चन इंजन पर आधारित दोपहिया और तिपहिया वाहनों पर 2025 तक प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
ऑटो कंपनियों ने किया था विरोध
जिसके बाद अप्रैल 2023 से सिर्फ इलेक्ट्रिक तिपहिया ही बिकेंगे। इसी तरह एक अप्रैल 2025 से सिर्फ इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन ही बिकेंगे। इसके मुताबिक पेट्रोल-डीजल या सीएनजी से चलने वाले दुपहिया वाहनों की बिक्री सिर्फ 31 मार्च 2023 तक ही हो पाएगी। उसके बाद सभी तरह के तिपहिया वाहन इलेक्ट्रिक से चलने वाले हो जाएंगे। इसी तरह पेट्रोल या किसी अन्य जीवाश्म ईंधन से चलने वाले 150 सीसी क्षमता तक के दोपहिया वाहनों की बिक्री भी 31 मार्च 2025 तक ही हो पाएगी। वहीं ऑटो कंपनियों ने इन मुद्दे पर नीति आयोग की बैठक का विरोध भी किया था।
फेम स्कीम के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी
नितिन गडकरी ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए भारी उद्योग मंत्रालय ने फेम इंडिया स्कीम के फेज-2 चरण के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी भी जारी कर चुका है। इस स्कीम की शुरुआत 01 अप्रैल, 2019 से हो चुकी है और फेम (फास्टर अडाप्शन एंड मैन्यूफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक एंड हाईब्रिड व्हीकल्स) स्कीम के तहत तीन साल तक सब्सिडी दी जाएगी।