कुछ दिन गुजारो गुजरात में! यहां मिलती है हेलमेट न पहनने और ट्रिपल राइडिंग पर छूट!
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बुधवार को जब शाम सात बजे के पास गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का एक ट्वीट आया तो पूरे देश में हलचल मच गई। रूपाणी ने ट्वीट किया था कि गुजरात में अब से हेलमेट पहनने पर प्रतिबंध नहीं होगा। यानी कि दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के ड्राइविंग कर सक सकते हैं। वहीं गुजरात सरकार के इस फैसले के बाद बाकी राज्यों में भी मोटर व्हीकल एक्ट के तहत हेलमेट पहने से छूट दिए जाने की मांग उठने लगी।
फैसले को जनहित में बताया
संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट में हेलमेट न पहनने पर कड़े जुर्माने का प्रावधान है। वहीं गुजरात पहला ऐसा राज्य है, जहां संशोधित या मोटर व्हीकल एक्ट के कई प्रावधानों को या तो हटा दिया गया है या फिर उनके उल्लंघन करने पर लगने वाली जुर्माना राशि को कई गुना तक घटा दिया गया है। यहां तक कि सरकारें इस तथ्य तक की अनदेखी कर रही हैं, कि हर साल हेलमेट ने पहनने से हजारों लोग दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। वहीं मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने अपने ट्वीट में हेलमेट से प्रतिबंध हटाने के फैसले को जनहित में बताया है।
ગુજરાત સરકારનો મહત્વનો પ્રજાલક્ષી નિર્ણય.
હવે શહેરી વિસ્તારમાં હેલ્મેટ ફરજીયાત પહેરવું પડશે નહિ. નગરપાલિકા અને મહાનગરપાલિકા વિસ્તારમાં હેલ્મેટ ફરજીયાત પહેરવું પડશે નહિ. સ્ટેટ અને નેશનલ હાઇવે તથા એપ્રોચ રોડ પર હેલ્મેટ ફરજીયાત પહેરવું પડશે.— Vijay Rupani (@vijayrupanibjp) December 4, 2019
दोपहिया वाहनचालक कर रहे थे मांग
राज्य सरकार का कहना है कि उन्हें हेलमेट पहने को लेकर कई दिनों से कई दोपहिया वाहन चालकों के प्रतिवेदन मिल रहे थे, जिसके बाद मंत्रिमंडल ने इसे हटाने का फैसला किया। फैसले के मुताबिक नगर निगम या नगरपालिका क्षेत्रों के अंदर हेलमेट पहने के नियम की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। साथ ही सरकार ने साफ किया है कि राजमार्गों, बाहरी इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहिया वाहन चालकों के लिये हेलमेट पहनना जरूरी रहेगा।
1000 रुपये तक का जुर्माने का प्रावधान
वहीं मंत्रिमंडल की बैठक के बाद गांधीनगर में परिवहन मंत्री आर सी फालदू ने बताया कि सरकार ने नगर निगम और नगरपालिका क्षेत्रों में हेलमेट पहनने के नियम को स्वैच्छिक बनाने का फैसला किया है। जिसके बाद पुलिस गुजरात के शहरी क्षेत्र में दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट न लगाने के बावजूद उन पर जुर्माना नहीं लगा पाएगी। गौरतलब है कि संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 194D के तहत अब बिना हेलमेट के 1000 रुपये तक का जुर्माना और तीन महीनों के लिए लाइसेंस रद्द हो सकता है।
दिए अजीबोगरीब तर्क
हेलमेट न पहनने को लेकर लोगों अजीबोगरीब तर्क दे रहे थे। कुछ का कहना था कि हेलमेट पहनने से बाल खराब हो जाते हैं, तो कुछ ने गर्मी में पसीना आने का हवाला दिया। वहीं कुछ दोपहिया वाहन चालकों का कहना था कि हेलमेट पहनने से हॉर्न सुनाई नहीं देता, यहां तक कि कुछेक ने तो शमशान घाट में हेलमेट लेकर खड़े होने को लेकर भी आपत्ति जताई।
ट्रिपल राइडिंग की भी छूट
साथ ही गुजरात सरकार ने बाइक या स्कूटर पर तीन लोगों को बैठने की भी छूट दे दी है। यानवी कि शहरी इलाकों में दोपहिया वाहन पर तीन लोग बिठाने पर कोई जुर्माना नहीं देना होगा। इससे पहले राज्य में जब नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू हुआ था तो विजय रूपाणी ने नए नियमों की धारा 50 में बदलाव करते हुए जुर्माने की रकम को कम कर दिया था। इससे पहले ट्रिपल राइडिंग करने पर गुजरात राज्य के निवासियों को केवल 100 रुपये का जुर्माना देना पड़ता था, जबकि नये नियमों में करीब 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। वहीं हेलमेट न पहनने पर केवल 500 रुपये ही जुर्माना देना पड़ेगा।