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ये 4 कारण पढ़ेंगे तो नहीं खरीदेंगे पेट्रोल या डीजल कार
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 22 Nov 2017 04:16 PM IST
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क्या आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं? बेहतर होगा कि आप थोड़ा रुक जाएं और अपनी पसंद की इलेक्ट्रिक कार खरीदें, क्योंकि जल्द ही पेट्रोल और डीजल कार चलन से बाहर होने जा रही हैं।
वाहन निर्माता कंपनियां और भारत सरकार देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को चलन में लाना चाहती हैं। अगले साल भारत में कई इलेक्ट्रिक कार आने वाली हैं, साथ ही कई जगहों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने हैं। यहां हम आपको 4 कारण बताएंगे कि क्यों पेट्रोल-डीजल नहीं, इलेक्ट्रिक कार खरीदना होगा फायदे का सौदा
सरकार की पहल
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार 10 हजार इलेक्ट्रिक कारों का ऑर्डर दे रही है। यह कारें सरकारी कंपनी एनर्जी एफिशियंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) के कर्मचारियों को दी जाएंगी। पहले दौर की बोली लगाई जा चुकी है। टाटा मोटर्स को 250 और महिंद्रा एंड महिंद्रा को 150 कार सप्लाई करनी है।
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बड़ी कंपनियां
जापान की वाहन निर्माता कंपनी सुजुकी मोटर और टोयोटा मोटर ने भारत में तीन साल के भीतर इलेक्ट्रिक कार लाने के समझौता किया है। देश में बिकने वाला हर दूसरा यात्री वाहन मारुति सुजुकी का होता है। अगर ऐसी बड़ी कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहन के क्षेत्र में उतरती हैं तो ग्राहकों में उत्साह बढ़ेगा।
चार्जिंग स्टेशन
इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को सबसे बड़ी परेशानी तब आती है जब रास्ते में बैटरी खत्म हो जाए और चार्जिंग का कोई जरिया ना हो। भारतीय सरकार लोगों की इस समस्या को खत्म करने जा रही है। NBCC लिमिटेड (नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन लिमिटेड) ने घोषणा की है कि अगले एक से डेढ़ साल के समय में देशभर में 150 बिलकुल नए इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे।
2030 का लक्ष्य
सरकार ने 2030 तक सड़कों पर केवल इलेक्ट्रिक कार दौड़ाने का लक्ष्य रखा है। बिजली मंत्री पीयुष गोयल ने कहा, 'हम बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहन पेश करने जा रहे हैं। हमारा मानना है कि है कि 2030 तक देश में एक भी पेट्रोल या डीजल कार नहीं बिकनी चाहिए।'
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वाहन निर्माता कंपनियां और भारत सरकार देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को चलन में लाना चाहती हैं। अगले साल भारत में कई इलेक्ट्रिक कार आने वाली हैं, साथ ही कई जगहों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने हैं। यहां हम आपको 4 कारण बताएंगे कि क्यों पेट्रोल-डीजल नहीं, इलेक्ट्रिक कार खरीदना होगा फायदे का सौदा
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सरकार की पहल
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार 10 हजार इलेक्ट्रिक कारों का ऑर्डर दे रही है। यह कारें सरकारी कंपनी एनर्जी एफिशियंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) के कर्मचारियों को दी जाएंगी। पहले दौर की बोली लगाई जा चुकी है। टाटा मोटर्स को 250 और महिंद्रा एंड महिंद्रा को 150 कार सप्लाई करनी है।
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बड़ी कंपनियां
जापान की वाहन निर्माता कंपनी सुजुकी मोटर और टोयोटा मोटर ने भारत में तीन साल के भीतर इलेक्ट्रिक कार लाने के समझौता किया है। देश में बिकने वाला हर दूसरा यात्री वाहन मारुति सुजुकी का होता है। अगर ऐसी बड़ी कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहन के क्षेत्र में उतरती हैं तो ग्राहकों में उत्साह बढ़ेगा।
चार्जिंग स्टेशन
इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को सबसे बड़ी परेशानी तब आती है जब रास्ते में बैटरी खत्म हो जाए और चार्जिंग का कोई जरिया ना हो। भारतीय सरकार लोगों की इस समस्या को खत्म करने जा रही है। NBCC लिमिटेड (नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन लिमिटेड) ने घोषणा की है कि अगले एक से डेढ़ साल के समय में देशभर में 150 बिलकुल नए इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे।
2030 का लक्ष्य
सरकार ने 2030 तक सड़कों पर केवल इलेक्ट्रिक कार दौड़ाने का लक्ष्य रखा है। बिजली मंत्री पीयुष गोयल ने कहा, 'हम बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहन पेश करने जा रहे हैं। हमारा मानना है कि है कि 2030 तक देश में एक भी पेट्रोल या डीजल कार नहीं बिकनी चाहिए।'