{"_id":"5b6e6bf14f1c1b254a8b519f","slug":"finance-mafia-will-not-be-able-to-trouble-auto-drivers","type":"story","status":"publish","title_hn":"फाइनेंस माफियाओं पर कसा शिकंजा ,आॅटो चालकों की बल्ले बल्ले","category":{"title":"Auto News","title_hn":"ऑटो न्यूज़","slug":"auto-news"}}
फाइनेंस माफियाओं पर कसा शिकंजा ,आॅटो चालकों की बल्ले बल्ले
ऑटो डेस्क, अमर उजाला
Updated Sat, 11 Aug 2018 10:57 AM IST
विज्ञापन
auto
दिल्ली एनसीआर में ऑटो फाइनेंस माफिया की लगातार बढ़ रही मनमानी पर अब रोक लग सकेगी। अब किसी के नाम से पंजीकृत ऑटो के परमिट को कोई अन्य व्यक्ति शिकायत कर लॉक नहीं करा सकेगा।अभी तक व्यवस्था है कि ऑटो चाहें कितनी भी बार बिक गया हो, मगर जब तक पहला मालिक अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं देगा तब तक परमिट ट्रांसफर नहीं होगा। ऐसे में पहला मालिक ब्लैकमेल करता है और पैसे भी लेता था और उसके बाद जाकर के परमिट ट्रांसफर करने की अनुमति देता है। अब विभाग स्वयं पहले मालिक के पास एक पत्र भेजेगा। यदि वह 15 दिन में जवाब नहीं भेजता है तो उसकी अनापत्ति मान ली जाएगी।
विज्ञापन
दिल्ली के विशेष आयुक्त से ऑटो संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर अपनी समस्या सामने रखी। इस प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि दिल्ली में सक्रिय फाइनेंस माफिया परिवहन विभाग में फोन कर ऑटो के परमिट लॉक करा देता है। चालकों ने ऑटो को बेचने-खरीदने के दौरान हो रही परेशानी भी सामने रखी। जिस पर परिवहन विभाग के अधिकारी ने आश्वासन दिया कि ऑटो बेचने के दौरान परमिट ट्रांसफर कराने के लिए प्रथम मालिक के पास अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे।
विज्ञापन
चालकों ने फिटनेस प्रमाण पत्र की भी परेशानी बताई। कहा कि फिटनेस प्रमाण पत्र के लिए परिवहन विभाग की बुराड़ी अथॉरिटी में व्यवस्था है मगर यदि ऑटो का चालान हो गया है तो उसके अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए चालकों को टोडापुर स्थित यातायात पुलिस के मुख्यालय जाना पड़ता है। वहां से अनापत्ति मिलने पर ही ऑटो का फिटनेस प्रमाण पत्र बनता है। परिवहन अधिकारी ने कहा कि अब परिवहन विभाग स्वयं ही यातायात पुलिस से डाटा मंगवाएगा। यह व्यवस्था 15 अगस्त से शुरू की जा सकती है।
विज्ञापन