कोरोना वायरस के चलते सुपर कारें नहीं बनाएगी Lamborghini, बंद किया प्लांट
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कोरोना वायरस अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर डालने लगा है। तमाम देशों में शेयर बाजार एतिहासिक निचले स्तर को छू चुका है। वहीं ऑटो कंपनियां भी कोरोना से बेहाल हैं। कोरोना वायरस ने इटली में जमकर कहर मचाया है वहां मृतकों की संख्या 1016 को पार कर गई है। इटली की दुनिया की सबसे बड़ी स्पोर्ट्स कार निर्माता कंपनी लैंबोर्गिनी (Lamborghini) ने एहतियाती कदम उठाते हुए दो हफ्ते के लिए कारों का उत्पादन बंद कर दिया है।
25 मार्च तक प्लांट बंद
वहीं कोरोना के चलते सुपरकार मेकर लैंबोर्गिनी की पैरेंट कंपनी फॉक्सवैगन एजी के भी उत्पादन प्रभावित होने की संभावना है। लैंबोर्गिनी ने कारों के उत्पादन पर अस्थाई तौर पर रोक लगाते हुए अपने इटली स्थित प्लांट को 25 मार्च तक के लिए बंद कर दिया है। ईमेल के जरिए भेजे गए बयान में कंपनी ने कहा है कि उत्तरी इटली के शहर बोलोग्ना स्थित प्लांट को बंद किया जा रहा है, जहां सभी ब्रांड्स की कारें बनाई जाती हैं।
हालात पर नजर
लैंबोर्गिनी के सीईओ स्टेफानो डॉमेनिसीली ने अपने बयान में बताया कि उन्होंने यह कदम अपनी सामाजिक जिम्मेदारी और लोगों की सुरक्षा संवेदनशीलता को देखते हुए उठाया है। उनका कहना है कि वे हालात पर लगातार नजर रखे हुए हैं और जरूरत पड़ने पर जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार पर हैं।
अमेरिका के बाद चीन दूसरा सबसे बड़ा बाजार
चीन का बाजार लैंबोर्गिनी के लिए दुनिया का दूसरा सबसे बाजार है, वहीं कोरोनावायरस की शुरुआत चीन के वुहान शहर से ही हुई थी। जिसके चलते चीन में भी मांग में जबरदस्त गिरावट आई है। पिछले साल कंपनी ने चीन के अलावा हॉन्ग कॉन्ग, मकाऊ समेत 770 लैंबोर्गिनी बेची थीं। वहीं लैंबोर्गिनी ने अकेले अमेरिका में ही 2734 कारें बेची थीं।
ह्यूंदै भी बंद कर चुकी है प्लांट
हालांकि लैंबोर्गिनी अकेली कार कंपनी नहीं है जो कोरोना के चलते अपने उत्पादन को बंद कर चुकी है। इससे पहले ह्यूंदै ने भी दक्षिण कोरिया के दक्षिण पूर्वी शहर उल्सान में कंपनी के एक कर्मचारी के कोरोना वायरस से पीड़ित पाए जाने के बाद अपने एक कारखाने में उत्पादन बंद कर दिया था। ह्यूंदै के उल्सान में पांच कारखाने हैं, जहां हर साल 14 लाख गाड़ियां बनती हैं। इनमें 34,000 श्रमिक काम करते हैं।