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कोरोनावायरस का कहर: दुनिया भर की ऑटो कंपनियों में उत्पादन बंद होने की आशंका
Mon, 10 Feb 2020 06:19 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 10 Feb 2020 06:19 PM IST
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Kia Motors Plant South Korea
- फोटो : Kia Motors
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ऑटो कंपनियों के विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि चीन में कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते संकट और गहरा सकता है। इसका असर दुनिया भर की ऑटो कंपनियों पर पड़ सकता है और उनमें उत्पादन बंद तक हो सकता है। इन जानकारों की चिंता उस समय हकीकत में बदलती दिखी जब Kia Motors (किया मोटर्स) की दक्षिण कोरिया में बने तीन कारखानों की सभी प्रोडक्शन लाइनों को बंद करने का एलान किया। किया मोटर्स के प्रवक्ता ने बताया कि चीन से बन कर आने वाला तार उनकी कारों में लगाया जाता है लेकिन यह वायर अब नहीं आ पा रहा है लिहाजा ये उत्पादन बंद करने का फैसला किया गया है। इससे पहले हुंडई मोटर्स भी दक्षिण कोरिया में सामान न होने के कारण उत्पादन रोक चुकी है।
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99 फीसदी नहीं पूरे 100 फीसदी चाहिए सामान
जानकारों के मुताबिक चीन में बने ऑटो पार्ट्स की खपत पूरी दुनिया में होती है और अगर किसी कंपनी में एक भी पुर्जा चीन से बन कर आता है तो कारखाने में काम रुकने में देर नहीं लगेगी। इस लिहाज से दूसरी प्रकार की कंपनियों के बनिस्पत ऑटो कंपनियों को नुकसान पहुंचने की आशंका सबसे अधिक है। साथ ही ऑटो उद्योग को ऐसे कामकाज में गिना जाता है जहां कलपुर्जों की सबसे ज्यादा जरुरत होती है और तथ्य यह है कि 99 पुर्जे मौजूद होने पर भी ऑटो इंडस्ट्री के पांव थम सकते हैं। चीन में कई कारखाने चार सप्ताह के लिए बंद हैं इसका संकेत यही मिलता है कि ऑटो कारखानों के पहिए रुक सकते हैं।
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साल 2018 में चीन ने बेचे 35 अरब डॉलर के ऑटो कलपुर्जे
चीन दुनिया भर में फैले ऑटो इंडस्ट्री को बड़े पैमाने पर सामान की आपूर्ति करता है। साल 2018 में करीब 35 अरब डॉलर का सामान चीन से बन कर बाहर गया। ये कलपुर्जे न केवल नई गाड़ियों के लिए बल्कि गाड़ियों की मरम्मत में इस्तेमाल होते हैं। सेंटर फॉर ऑटोमेटिव रिसर्च के उपाध्यक्ष क्रिस्टीन डिजीजेक कहते हैं कि अगर आपूर्ति गड़बड़ा गई तो उस पुर्जे की जगह दूसरा पुर्जा फिट करना इतना सरल काम नहीं है।कई कंपनियों ने शटडाउन की अवधि बढ़ाई
कई कार कंपनियों ने अपने कामकाज के शटडाउन की अवधि को बढ़ा दिया है। निसान और पीएससी जैसी बड़ी कंपनियों ने शुक्रवार तक के कारखाने को बंद रखने का एलान किया है। इतना हीं नहीं फॉक्सवैगन, बीएमडब्ल्यू, टोयोटा और होंडा ने कहा है कि वे अगले सप्ताह अपना कारखाना खोलने की योजना बना रही हैं। फ्रेंच कार पार्ट्स बनाने वाली वालियो ने कहा है कि उसके वुहान के तीन कारखाने कम से कम 13 फरवरी तक बंद रहेंगे।डब्ल्यूएचओ ने जताई यह चिंता
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना वायरस का संक्रमण चीन से बाहर फैलने को लेकर अन्य देशों को आगाह किया और उनसे अपील की है कि वे इस घातक विषाणु के उनके देश में पहुंचने की आशंका के मद्देनजर उससे निपटने के लिए तैयार रहें। डब्ल्यूएचओ प्रमुख तेदरोस अदहानोम गेब्रेयसस ने कहा कि उन लोगों के भी इस विषाणु से संक्रमित होने के चिंताजनक मामले सामने आए हैं जो कभी चीन नहीं गए।
गेब्रेयसस ने अपना जीवन जोखिम में डालकर इस महामारी को काबू करने के लिए हर संभव 'कोशिश’ कर रहे चिकित्सकों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों की सराहना की और उन्हें असली हीरो करार दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का चीन के बाहर प्रसार धीमा हुआ है, लेकिन यह कभी भी बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि वित्तीय एकजुटता की भावना के तहत दान देने वाले आगे आए हैं लेकिन हम अभी 67 करोड़ 50 लाख डॉलर के हमारे लक्ष्य पर नहीं पहुंचे है।
बता दें कि यह घातक वायरस जो पहली बार मध्य चीनी शहर वुहान में सामने आया। वुहान, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन में ऑटो इंडस्ट्री का केंद्र है। चीन में घातक कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 908 हो गई है और इसके संक्रमण के 40 हजार से अधिक मामलों की पुष्टि हो चुकी है।