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Ola-Uber कैब करने पर जेब होगी ज्यादा ढीली, तीन गुना तक किराया बढ़ाने की तैयारी

Fri, 13 Sep 2019 03:12 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 13 Sep 2019 03:12 PM IST
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centre planning to hike the fare for ola uber cab aggregators, may allowed three times surge pricing
एप से बुक होने वाली कैब।

हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑटो सेक्टर में छाई मंदी के लिए कैब एग्रीगेटर्स ओला-उबर को जिम्मेदार बताया था। जिसके बाद सोशल मीडिया में उनके इस बयान की काफी आलोचना हुई थी। वहीं अब सरकार इन कैब एग्रीगेटर्स को बेस फेयर से तीन गुना तक किराया बढ़ाने की मंजूरी दे सकती है।

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पीक ऑवर्स में बढ़ेगा किराया

सर्ज प्राइसिंग को लेकर पहले भी बवाल हो चुका है। सर्ज प्राइसिंग का मतलब है पीक ऑवर यानी जब सबसे ज्यादा मांग हो, उस दौरान ओला, उबर जैसी कंपनियां ज्यादा किराया वसूलना चाहती हैं। ईटी की खबर के मुताबिक कैब एग्रीगेटर्स कंपनियों को लिए नए नियम बनाए जा रहे हैं। वहीं ओला और ऊपर जैसी कंपनियां मांग और आपर्ति के बीच संतुलन बिठाने के लिए शुरू से ही सर्ज प्राइसिंग की वकालत करती रही हैं।

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नए मोटर व्हीकल एक्ट में मार्केट प्लेस माना

सूत्रों के मुताबिक सरकार नई नीति में कंपनियों को बता सकती हैं कि वे सर्ज प्राइसिंग के तहत कितना किराया वसूल सकती हैं। दिसंबर 2016 की गाइडलाइंस के मुताबिक इसमें कुछ दूसरे नियमों को भी शामिल किया जाएगा। संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट पास होने के बाद कैब एग्रीगेटर्स के लिए भी नए नियम लाए जा रहे हैं। एक्ट में पहली बार कैब एग्रीगेटर्स को डिजिटल इंटरमीडियरी यानी मार्केट प्लेस माना गया है। वहीं नए नियम पूरे देश में लागू होंगे, लेकिन राज्यों को इन्हें बदलने के अधिकार होगा।

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कर्नाटक ने किया है कंट्रोल

इससे पहले कर्नाटक पहला राज्य है जिसने कैब एग्रीगेटर्स कके लिए न्यूनतम और अधिकतम किराया तय किया हुआ है। राज्य ने एप बेस्ड कैब कंपनियों के लिए वाहन की कीमत के मुताबिक स्लैब बना रखे हैं। लग्जरी कैब्स के लिए 2.25 फीसदी और छोटी कैब्स के लिए दो गुना है। वहीं ग्राहकों को भी सर्ज प्राइसिंग सबसे ज्यादा परेशान करता है।

दिल्ली में इस बार लागू होने वाला है ऑड ईवन

शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चार नवंबर से 15 नवंबर तक कारों के लिए ऑड-ईवन शुरू किया है, जिसमें पहली बार ऑटो और टैक्सियों को भी शामिल किया है। माना जा रहा है कि ऑड ईवन में शामिल होने के बाद कैब एग्रीगेटर्स मनमाने ढंग से किराया वसूलेंगे। इससे पहले मई 2016 में ऑड-ईवन लगू होने के बाद कंपनियों ने सर्ज प्राइसिंग वसूलना शुरू कर दिया था, जिसके बाद दिल्ली सरकार ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी जारी करते हुए इस पर रोक लगा थी।

पिछले साल किया था समर्थन

वहीं पिछले साल 11 नवंबर 2017 को जब दिल्ली में प्रदूषण से निबटने के लिए ऑड-ईवन का एलान किया था, तब कैब एग्रीगेटर्स कंपनियों ने समर्थन देने का एलान करते हुए डायनैमिक या सर्ज प्राइसिंग के मुताबिक किराया न वसूलने का भरोसा दिया था।

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