15 साल पुराने वाहनों के लिए कबाड़ नीति का एलान जल्द, मारुति-टोयोटा ने भी की तैयारी
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि सरकार जल्द ही 15 साल पुराने वाहनों के लिए कबाड़ नीति का एलान कर सकती है। गडकरी के मुताबिक नीति पर काम चल रहा है और इसे वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिलनी बाकी है। साथ ही राज्यों के साथ भी कुछ मुद्दों पर सहमति बननी बाकी है।
वित्त मंत्रालय के पास जीएसटी में कटौती का प्रस्ताव
होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर्स इंडिया की बीएस-6 उत्सर्जन मानक वाली नई Activa 125 के लॉन्चिंग के मौके पर बोलते हुए गडकरी ने कहा कि वाहनों पर जीएसटी दरों में कटौती का प्रस्ताव पहले ही वित्त मंत्री के सामने रखा जा चुका है। जीएसटी काउंसिल में शामिल सदस्यों राज्यों को भरोसे में लेकर ही इस पर फैसला किया जाएगा।
मारुति-टोयोटा ने मिलाया हाथ
वहीं सरकार की पुराने वाहनों को कबाड़ करने नीति को देखते हुए कार कंपनियां भी अपनी कमर कस रही हैं। मारुति सुजुकी ने पुराने वाहनों को कबाड़ करने के लिए टोयोटा के साथ मिल कर प्लांट लगाने की योजना बनाई है। मारुति ने इसके लिए टोयाटा की सब्सिडियरी कंपनी तूशो से करार किया है। यह कंपनी वाहनों को तोड़ने का काम करेगी और उनके पार्ट्स को कबाड़ में बेचेगी।
महिंद्रा ने किया MMTC से करार
इससे पहले महिंद्रा एंड महिंद्रा अपनी सब्सिडियरी कंपनी महिंद्रा असेलो के जरिये वाहनों को कबाड़ करने के लिए स्क्रैप प्लांट लगाएगी और इसके लिए पब्लिक सेक्टर की कंपनी एमएसटीसी के साथ गठजोड़ किया है। यह रीसाइकिल प्लांट ग्रेटर नोएडा में लगाया जाएगा। टोयोटा तूशो पहले ही भारत में एक्टिव है और ऑटो पार्ट्स के साथ कंपोनेंट्स के आयात-निर्यात का काम करती है।