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कार और दोपहिया वाहनों की खरीदारी 1 अगस्त से हो जाएगी सस्ती, बदले बीमा के नियम

Wed, 22 Jul 2020 09:46 AM IST
श्रीधर मिश्रा ऑटो डेस्क, अमर उजाला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला Published by: श्रीधर मिश्रा Updated Wed, 22 Jul 2020 09:46 AM IST
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Car and two-wheeler purchase will be cheaper from August 1 due to big change in insurance rules
फाइल फोटो - फोटो : PTI

अगर आप एक नई कार या मोटरसाइकिल खरीदने की सोच रहे हैं, तो इस महीने आपको इंतजार कर लेना चाहिए। क्योंकि एक अगस्त से कार और टू-व्हीलर की इंश्योरेंस पॉलिसी में बदलाव होने जा रहा है। दरअसल IRDAI (इरडा-भारतीय बीमा विकास और नियामक प्राधिकरण) एक अगस्त से मोटर थर्ड पार्टी और ओन डैमेज इंश्योरेंस में बदलाव करने जा रही है। इरडा के निर्देशों के मुताबिक, ग्राहकों को कार की खरीद पर 3 साल और दो-पहिया वाहनों की खरीद पर 5 साल का थर्ड पार्टी कवर लेना अनिवार्य नहीं होगा। इरडा ने इन वाहनों पर से पैकेज कवर को वापस लेने का फैसला किया है। इसके बाद अब नया नियम 1 अगस्त से देशभर में लागू हो जाएगा।

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वापस लिया फैसला


जून में वाहनों पर ओन-डैमेज और लॉन्ग टर्म पैकेज थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पॉलिसी को वापस लेते हुए इरडा ने कहा कि इसकी वजह से वाहनों की कीमतें महंगी हो रही थी। इरडा के मुताबिक इससे ग्राहकों को वाहन खरीदने में आर्थिक रूप से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।


सस्ती होगी खरीदारी


इंश्योरेंस पॉलिसी में बदलाव का सीधा असर वाहनों की कीमत पर पड़ेगा। आसान भाषा में कहें तो अब वाहन खरीदना पहले के मुकाबले सस्ता हो जाएगा।

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2018 में लागू हुआ था नियम

दरअसल इरडा की तरफ से अगस्त 2018 से कार की खरीद पर 3 साल की मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी को अनिवार्य कर दिया गया था। इरडा ने फिर सितंबर में दो-पहिया वाहनों पर 5 साल की मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी को भी अनिवार्य कर दिया। इसके बाद जून 2020 में लॉन्ग टर्म पैकेज का रिव्यू किया और अब नियमों में वापस बदलाव किया जा रहा है।

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क्या है मोटर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस? 


थर्ड पार्टी का सीधा सा मतलब तीसरा पक्ष है। अगर और भी आसान भाषा में समझें तो,

  • पहला पक्ष वो है जो गाड़ी का मालिक है। 
  • दूसरा पक्ष वो है जो गाड़ी को चला रहा है। 
  • वहीं, तीसरा पक्ष वो है जो दुर्घटना के दौरान पीड़ित व्यक्ति है। 


कानून के मुताबिक अगर आपकी गाड़ी और चालक की गलती से दुर्घटना होती है और उसमें सामने सड़क पर जा रहा तीसरा व्यक्ति घायल होता है, तो इस दौरान उस पीड़ित व्यक्ति के जान-माल की हानि की भरपाई वाहन मालिक और चालक को करना होता है। ऐसी हालत में बीमा कंपनियां आर्थिक मुआवजे की भरपाई के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस करती हैं। अगर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस है तो मुआवजे का आर्थिक भुगतान बीमा कंपनी करती है।

क्या है ओन डैमेज कवर? 

कॉम्प्रीहेंसिव पॉलिसी या ओन डैमेज में हादसे के दौरान थर्ड पार्टी के कवर के साथ इंश्योरेंस वाले वाहन को भी कवर मिलता है। यानी हादसे के दौरान सामने वाले के मुआवजे का खर्च और आपकी गाड़ी को हुए नुकसान की भरपाई ओन डैमेज कवर में होता है।

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