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ऑटो एक्सपो 2018: ड्राइवरलैस कार का सपना हुआ साकार, फीचर जानकर हैरान रह जाएंगे आप
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 10 Feb 2018 08:32 PM IST
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ड्राइवरलैस कार
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गूगल ने ड्राइवरलैस कार पर काम करके पूरी दुनिया को चौंकाया और उसके बाद कई ऑटोमोबाइल कंपनियों ने इस विचार को अपनाया और तेजी से प्रगति की। बहरहाल भारत में नीतियां स्पष्ट नहीं होने की वजह से ड्राइवलैस कार की दिशा में ज्यादा काम नहीं हो पाया। ऑटो एक्सपो में मौजूद ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को इस दिशा में जल्दी नीति बना लेनी चाहिए। ड्राइवरैस कार अब सपना नहीं सचाई है। इससे मुंह नहीं मोड़ा जा सकता। इसका फायदा ही होना है। इससे लगता है भारत में भी ड्राइवरलैस कार आने वाले समय में चलती नजर आएगी।
ग्रेटर नोएडा में चल रहे ऑटो एक्सपो में ऑटोनोमस तकनीक का कई कंपनियों ने प्रदर्शन किया है। हालांकि अभी पूरी तरह ड्राइवरलैस कार को भारत में बनाने की दिशा में कोई ऑटोमोबाइल कंपनी ज्यादा इच्छुक नहीं नजर आ रही है। लेकिन यहां दिलचस्प यह कि ऑटोनोमस वह तकनीक है जो ड्राइवरलैस यानी चालक रहित कार की तरफ जाता है।
भारत में मौजूदा कई कारों में ऐसे फंक्शन मौजूदा हैं जिनमें ड्राइवर के दखल की जरूरत नहीं पड़ती है। जैसे आप जहां जा रहे हैं कितनी देर में पहुंचेंगे, रास्ता कौन सा लेंगे। यह गाड़ियां सेंसर से पार्किंग की जगह भी खोज लेती हैं। अगर बारिश हो रही है तो यह अपने आप वाइपर चलाने लगेंगी। इस फीचर को दस लाख रुपये से कम वाली भी कई कारें दे रही हैं। 5जी तकनीक आने से कारें आपस में संवाद भी बना लेंगी। यह सब ड्राइवरलैस कार की तरफ बढ़ने का इशारा ही है।
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ग्रेटर नोएडा में चल रहे ऑटो एक्सपो में ऑटोनोमस तकनीक का कई कंपनियों ने प्रदर्शन किया है। हालांकि अभी पूरी तरह ड्राइवरलैस कार को भारत में बनाने की दिशा में कोई ऑटोमोबाइल कंपनी ज्यादा इच्छुक नहीं नजर आ रही है। लेकिन यहां दिलचस्प यह कि ऑटोनोमस वह तकनीक है जो ड्राइवरलैस यानी चालक रहित कार की तरफ जाता है।
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भारत में मौजूदा कई कारों में ऐसे फंक्शन मौजूदा हैं जिनमें ड्राइवर के दखल की जरूरत नहीं पड़ती है। जैसे आप जहां जा रहे हैं कितनी देर में पहुंचेंगे, रास्ता कौन सा लेंगे। यह गाड़ियां सेंसर से पार्किंग की जगह भी खोज लेती हैं। अगर बारिश हो रही है तो यह अपने आप वाइपर चलाने लगेंगी। इस फीचर को दस लाख रुपये से कम वाली भी कई कारें दे रही हैं। 5जी तकनीक आने से कारें आपस में संवाद भी बना लेंगी। यह सब ड्राइवरलैस कार की तरफ बढ़ने का इशारा ही है।
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दस लाख से कम में क्या ऑटोनोमस फीचर
ड्राइवरलैस कार
फोर्ड, हुंडई और होंडा के कुछ माडल में यह सुविधाएं उपलब्ध हैं-
ऑटो हैडलाइट-बाहर रोशनी घटने पर इनकी हैडलाइट अपने आप जल जाती है।
बारिश सेंस करने वाले वाइपर-विंड स्क्रीन पर पानी गिरते ही वाइपर अपने आप चलने लगते हैं।
इमरजेंसी काल-फ्यूल पंप टूटने या एक्सीडेंट होने पर ब्लूटूथ से पेयर फोन अपनेआप इमरजेंसी पर काल कर देगा।
एडवांस फीचर-30 लाख से ज्यादा की मर्सिडीज, वाल्वो या बीएमडब्ल्यू में मौजूद
जेस्चर कंट्रोल-हाथ के इशारे से म्यूजिक सिस्टम की आवाज कम ज्यादा कर सकते हैं।
अटेंशन असिस्ट-अगर ड्राइवर को नींद आ रही है तो उसे चेतावनी दी जाएगी।
हुंईड ब्रांड एंबेसडर शाहरुख खान ने कहा कि भारत में अगर ड्राइवरैस कार आती हैं तो यह बहुत ही अच्छा होगा। आजकल की जेनरेशन गाड़ी ड्राइव करने को ज्यादा इच्छुक नहीं दिखती। ज्यादातर यंगस्टर अपनी गाड़ी लेने की जगह ओला-उबर जैसी ऐप आधारित गाड़ियों से चलना पसंद करते हैं।
ऑटो हैडलाइट-बाहर रोशनी घटने पर इनकी हैडलाइट अपने आप जल जाती है।
बारिश सेंस करने वाले वाइपर-विंड स्क्रीन पर पानी गिरते ही वाइपर अपने आप चलने लगते हैं।
इमरजेंसी काल-फ्यूल पंप टूटने या एक्सीडेंट होने पर ब्लूटूथ से पेयर फोन अपनेआप इमरजेंसी पर काल कर देगा।
एडवांस फीचर-30 लाख से ज्यादा की मर्सिडीज, वाल्वो या बीएमडब्ल्यू में मौजूद
जेस्चर कंट्रोल-हाथ के इशारे से म्यूजिक सिस्टम की आवाज कम ज्यादा कर सकते हैं।
अटेंशन असिस्ट-अगर ड्राइवर को नींद आ रही है तो उसे चेतावनी दी जाएगी।
हुंईड ब्रांड एंबेसडर शाहरुख खान ने कहा कि भारत में अगर ड्राइवरैस कार आती हैं तो यह बहुत ही अच्छा होगा। आजकल की जेनरेशन गाड़ी ड्राइव करने को ज्यादा इच्छुक नहीं दिखती। ज्यादातर यंगस्टर अपनी गाड़ी लेने की जगह ओला-उबर जैसी ऐप आधारित गाड़ियों से चलना पसंद करते हैं।