अब जरूरी होगा Third Party insurance परिवहन मंत्रालय ने जारी किए निर्देश
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वाहन बीमा को लेकर सख्ती बरतते हुए परिवहन मंत्रालय ने मुख्य सचिव के साथ-साथ डीजीपी को निर्देश जारी किया है कि वाहनचालक भले ही वाहन का कॉम्प्रिहेंसिव बीमा न कराए लेकिन थर्ड पार्टी बीमा जरूर कराया जाए। इससे वाहन की टक्कर से घायल हुए व्यक्ति को मुआवजा मिल जाएगा। और घायल व्यक्ति एक बड़े नुकसान से बच जाएगा।
यदि देश में आज सभी वाहनों का बीमा हो जाए तो कुल प्रीमियम आधा हो सकता है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने ज्यादा से ज्यादा वाहनों का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कराने के लिए पुलिस की मदद मांगी है। और इसी के साथ पहली बार सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और डीजीपी को जारी निर्देश का पालन सख्ती से करने को कहा गया है।
मंत्रालय के अनुसार शहरों में तो लोग बीमा कराने को लेकर थोड़े सजग हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में इसकी संख्या काफी कम है। पूरे देश में इस समय करीब 50% से अधिक वाहन बिना बीमा के हैं। वाहन चालक अपने नए वाहन के बीमे को लेकर तो एक्टिव रहते हैं लेकिन वाहन के पुराने हो जाने पर बीमा नहीं कराते हैं।
थर्ड पार्टी बीमा न कराने से अब वाहनचालक पर 1,000 रुपए तक का जुर्माना या जेल तक का प्रावधान है। राजधानी दिल्ली के जॉइंट कमिश्नर (ट्रैफिक) अशोक कुमार ने कहा, मंत्रालय के निर्देश के बाद थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कराने के लिए सख्ती बरती जाएगी। वहीं ऐसा न करने वाले वाहनों का अधिक चालान किया जाएगा।