General Motors के 46,000 वर्कर्स ने बंद किया काम, 12 साल में ऑटो सेक्टर की सबसे बड़ी हड़ताल
- कंपनी की बातचीत विफल होने के बाद की हड़ताल
- 12 साल में ऑटो सेक्टर की सबसे बड़ी हड़ताल
- 49,000 कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने का लिया फैसला
- 2007 में हुआ था 30 करोड़ डॉलर का नुकसान
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विस्तार
जनरल मोटर्स के खिलाफ युनाइटेड ऑटो वर्कर्स (UAW) श्रमिक संगठन ने सोमवार को अमेरिका में हड़ताल शुरू कर दी है। बातचीत विफल होने के बाद कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। अमेरिका के नौ राज्यों स्थित कंपनी के 33 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के अलावा 22 पार्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन वेयर हाउसेस के लगभग 49,000 कर्मचारी रविवार देर रात से हड़ताल पर चले गए।
UAW ने ट्वीट करके जानकारी दी थी कि स्थानीय श्रमिक संगठनों के नेताओं ने डेट्रोएट में मुलाकात की और रविवार मध्यरात्रि से हड़ताल पर जाने का फैसला किया। बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन के प्रमुख वार्ताकार टेरी डिटेस ने कहा, 'ये हमारा अंतिम प्रयास है। हम इस देश में लोगों के काम करने के बुनियादी हक के लिए खड़े हैं।
Local Union leaders from across the nation met Sunday morning after the 2015 General Motors collective bargaining agreement expired Saturday night and opted to strike at midnight on Sunday. https://t.co/VYJTnzTqqn
विज्ञापन विज्ञापन— UAW (@UAW) September 15, 2019
इस हड़ताल के शुरू होने से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ट्वीट कर कहा कि जनरल मोटर्स और यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स के बीच एक बार फिर विवाद शुरू हुआ है। दोनों को एक साथ आना चाहिए और मामले को सुलझाने चाहिए।
जनरल मोटर्स का बयान
इस हड़ताल को लेकर वहीं जनरल मोटर्स ने इस कहा, 'ये बेहद निराशाजनक है कि UAW लीडरशिप ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया है, हमने कॉन्ट्रैक्ट नेगोशिएशंस में अच्छा ऑफर पेश किया था।' कंपनी ने शनिवार को अमेरिकी प्लांट्स में 700 करोड़ डॉलर निवेश करने का प्रस्ताव दिया था। वैसे इस समय अमेरिकी कार उद्योग भी मंदी के दौर से गुजर रहा है और और इलेक्ट्रिक वाहनों में निवेश से संबंधित बढ़ती लागत और उत्सर्जन पर अंकुश लगने लगा है।
2007 में हुआ था 30 करोड़ डॉलर का नुकसान
अमेरिका के ऑटो उद्योग में 12 साल में काम बंदी की यह पहली घटना है। इससे पहले यूनियन ने पिछली देशव्यापी हड़ताल 2007 में की थी। उस वक्त करीब 73,000 वर्कर्स ने दो दिन के लिए काम पर जाने से मना कर दिया था जिसका नतीजा कंपनी को करीब 30 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ था।