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Vastu Tips: जानिए किस दिशा में भोजन करने के क्या हैं लाभ?
Tue, 12 Jan 2021 03:20 PM IST
विनोद शुक्ला
अनीता जैन, वास्तुविद
अनीता जैन, वास्तुविद
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 12 Jan 2021 03:20 PM IST
सार
पूर्व दिशा की ओर मुख करके भोजन करने से रोग और मानसिक तनाव दूर होते है। दिमाग को स्फूर्ति मिलती है, भोजन अच्छी तरह से पचता है जिससे आपका स्वास्थ्य ठीक रहता है।
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वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में भोजन करने का उत्तम स्थान घर की पश्चिम दिशा में है।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
वास्तुशास्त्र में भोजन करने के लिए दिशाओं का निर्धारण किया गया है। इन नियमों के अनुसार यदि घर की सही दिशा में बैठकर भोजन किया जाए तो इससे परिवार के सदस्यों की सेहत अच्छी बनी रहती है। गलत दिशा में बैठकर किया गया भोजन स्वास्थ्य संबंधी अनेकों समस्याओं को उत्पंन कर सकता है। आप भोजन कौन सी दिशा में कर रहे हैं? इसका वास्तु के अनुसार बहुत महत्व है और आपके स्वास्थ्य और शरीर पर भी इसका अनुकूल और प्रतिकूल असर पड़ता है।
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पूर्व दिशा
पूर्व दिशा की ओर मुख करके भोजन करने से रोग और मानसिक तनाव दूर होते है। दिमाग को स्फूर्ति मिलती है, भोजन अच्छी तरह से पचता है जिससे आपका स्वास्थ्य ठीक रहता है। बुजुर्ग और बीमार रहने वालों के लिए इस दिशा में भोजन करना बहुत लाभदायक है।
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उत्तर दिशा
वे लोग जो धन, विद्या एवं आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करना चाहते हैं उन्हें उत्तर दिशा की ओर मुख करके भोजन करना चाहिए। करियर बनाने वाले युवा वर्ग और विधार्थियों को इस दिशा में भोजन करना लाभदायक है।
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पश्चिम दिशा
पश्चिम दिशा लाभ की दिशा मानी गई है। व्यापारिक, नौकरीपेशा लोगों के लिए या फिर उन व्यक्तियों के लिए जिनका दिमाग से संबंधित कार्य हो, उनको पश्चिम दिशा की ओर मुख कर भोजन करना चाहिए।
दक्षिण दिशा
दक्षिण दिशा यम की दिशा मानी गई है। इस दिशा की ओर मुख करके भोजन करने से कोई हानि नहीं है। लेकिन जिन लोगों के माता-पिता जीवित हैं उन्हें इस दिशा में भोजन करने से बचना चाहिए। अगर समूह में बैठकर भोजन कर रहे हैं तो किसी भी दिशा का कोई असर नहीं पड़ता है।
घर में यहां हो भोजन कक्ष
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में भोजन करने का उत्तम स्थान घर की पश्चिम दिशा में है। अतः घर की पश्चिम दिशा में बना डाइनिंग हॉल शुभ प्रभाव देने वाला होता है। इस जोन में भोजन करने से भोजन सम्बन्धी सभी आवश्यकताएं पूर्ण होती हैं एवं पोषण की प्राप्ति होती है,जिससे स्वास्थ्य अच्छा रहता है। लेकिन किसी वजह से यहाँ भोजन करना संभव नहीं हो तो,उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा दूसरा विकल्प है। घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में डाइनिंग रूम नहीं होना चाहिए क्योंकि यहाँ भोजन करने से शरीर को किसी भी प्रकार की मज़बूती और पोषण नहीं मिलता,रिश्तों में कड़वाहट पैदा हो सकती है।
भोजन कक्ष के सामने घर का मुख्य द्वार या शौचालय होना आपसी कलह व मानसिक कष्ट का कारण बन सकता है। डाइनिंग रूम में हाथ धोने के लिए वॉश बेसिन पूर्व में, उत्तर पूर्व में रखना चाहिए। वॉश बेसिन दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम में नहीं होना चाहिए, यह उत्तर अथवा पश्चिम में भी हो सकता है।