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घर की खिड़कियों के लिए क्या कहता है वास्तु नियम
Sat, 21 Dec 2019 01:11 PM IST
विनोद शुक्ला
अनीता जैन, वास्तुविद
अनीता जैन, वास्तुविद
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 21 Dec 2019 01:11 PM IST
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वास्तुशास्त्र में खिड़कियों का महत्व
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घरों में स्थित खिड़कियों को हम सिर्फ रोशनी और हवा आने का माध्यम मानते हैं,लेकिन इसके साथ-साथ खिड़कियां जीवन में सुख-समृद्धि भी लाती है। वास्तुविज्ञान के अनुसार भवन में यदि खिड़कियों की संख्या एवं दिशा सही हो तो,यह जीवन में रोशनी ला सकती हैं,अगर गलत हैं तो इसके कारण बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। घर बनवाते समय इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि इनकी संख्या सम होनी चाहिए- जैसे 2 ,4 ,6 ,8 ,10 इत्यादि विषम संख्या में खिड़कियों का होना शुभ नहीं माना गया है।
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वास्तु में खिड़कियों के लिए दिशा भी निर्धारित की गई है। इसके अनुसार घर की पूर्व, पश्चिम एवं उत्तर दिशा में खिड़कियों का होना लाभकारी माना गया है। दक्षिण दिशा यम की दिशा मानी गई है अतः इस दिशा में खिड़कियां बनवाने से बचना चाहिए। अगर इस दिशा में खिड़कियां बनाना जरूरी हों तो इन्हें कम से कम खोलें ।
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शुभ होंगी ऐसी खिड़कियां
शुभ प्रभाव के लिए इनको हमेशा साफ़ और स्वच्छ रखें । कोशिश करें कि घर के मुख्यद्वार के दोनों तरफ समान आकार की खिड़कियां हों, ऐसा करने से चुंबकीय चक्र पूरा होता है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह लगातार बना रहता है।हवा और रौशनी के लिए खिड़की का आकार जितना बड़ा हो उतना अच्छा माना गया है। इन्हें खोलते या बंद करते समय किसी भी तरह की आवाज़ नहीं होनी चाहिए,ये नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ती हैं।
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पूर्व दिशा सूर्यदेव की दिशा है अतः इस दिशा में खिड़कियां अधिक होनी चाहिए। इस दिशा में बनी हुई खिड़कियों से न केवल सूरज की पहली किरण प्रवेश करती है अपितु इस रौशनी के साथ घर में सौभाग्य भी प्रवेश करता है। इससे परिवार के सदस्यों को यश और तरक्की मिलती है। उत्तर दिशा का संबंध धन के देवता कुबेर से है इस दिशा में खिड़कियां रखने से कुबेर देवता की कृपा बनी रहती है।
इन बातों का रखें ध्यान
1 . यदि मुख्यद्वार के पास खिड़कियां टूटी-फूटी, गंदी या पुरानी होंगी तो परिवार के सदस्यों को मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
2 .भवन निर्माण के समय पुरानी खिड़कियों को नहीं लगाना चाहिए अन्यथा परिवार के सदस्यों को आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ सकता है।
3 .भवन निर्माण के समय खिड़कियों का आकार छोटा नहीं होना चाहिए वास्तु में यह अनुचित मानी गई हैं।
4 .यदि खिड़की के सामने कोई बिजली का खम्बा ,टावर या डिश एंटीना लगा हो तो बच्चों के करियर में बाधाएं उत्पन्न होती हैं । ऐसी अवस्था में खिड़कियों पर मोटे परदे डालकर रहें ताकि नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश न कर सके।
5 .शुभ एवं सकारात्मक परिणामों के लिए खिड़की के बाहर की तरफ छोटे-छोटे पौधे गमलों में लगाकर रखें । सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश के लिए सुबह के समय प्रतिदिन कुछ समय के लिए खिड़कियां जरूर खोल दें ।