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वास्तु टिप्स : इन उपायों को करते ही मिलने लगती है कामयाबी, कायम रहती है समृद्धि और स्फूर्ति
दिनेश कुमार वोहरा
Updated Sun, 25 Nov 2018 01:41 PM IST
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पूर्व उत्तर पूर्व दिशा जोन ये दिशा जोन उत्तर पूर्व (NE) तथा पूर्व दिशा (East) जोन के बीच में पड़ता है। इस दिशा जोन को मनोरंजन, सफलता, ताकत तथा स्फूर्ति के जोन के नाम से भी जाना जाता है। यही दिशा जोन हमको ऊर्जा और बुद्धिमत्ता भी प्रदान करता है। इस दिशा जोन में प्लाट / फ्लैट में किसी भी किस्म का कट या फैलाव अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसा हुआ तो हमारी कामयाबी, ऊर्जा और बुद्धिमत्ता में फ़र्क़ पड़ता है। इस दिशा जोन का तत्व वायु है तथा रंग हरा है हालांकि यहाँ लकड़ी या पेड़ का रंग भी अच्छा माना जाता है।
वास्तु में पूर्व उत्तर पूर्व दिशा का महत्व
पूर्व दिशा कॉरिडोर के द्वार जिनको पूर्व 2 और पूर्व 3 द्वार भी कहते हैं इस दिशा जोन में आते हैं। 2 वास्तु देवता इस दिशा जोन के ऊपर अपना प्रभुत्व रखते हैं। पहला वास्तु देवता पर्जन्य है जो पूर्व द्वार 2 का स्वामी है। सब मनोवैज्ञानिक दवाएं इसी देवता के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। गाय की उर्वरता भी यहीं से संचालित होती है। अगर घर में यहाँ पर द्वार है तो घर में पुत्रियों की संख्या ज़्यादा होती है। पौधों को यहाँ अच्छा पोषण मिलता है। इस द्वार के घर में रहने वाली स्त्रियां साहसिक तथा मजबूत दृष्टिकोण वाली होती हैं। पर यहाँ पर प्रयास बहुत बार सार्थक सिद्ध नहीं होते हैं। रसोई घर अगर यहाँ पर हो तो पैसों की बहुत कमी रहती है। दायीं आँख यहीं इसी देवता से से संचालित होती है। जयंत इस दिशा जोन में दूसरा देवता है। ये देवता पूर्व ३ द्वार का स्वामी है। ये बहुत ही भाग्यशाली द्वार है। जिस घर या दफ्तर में ये द्वार हो तो वहाँ हमेशा सफलता, प्राण, ताकत, धन, पद और प्रतिष्ठा का वास रहता है। सभी लक्ष्य पूरे होते हैं। अगर इस स्थान पर शौचालय हो तो घर के बच्चे अपने आप को व्यक्त नहीं कर पाते हैं तथा शर्मीले स्वभाव के होते हैं। इस द्वार के घर में व्यापार सफल होते हैं तथा लोग साहसी होते हैं। दायाँ कान इसी देवता के अधिकार में है।
इस दिशा जोन के लिए 10 वास्तु टिप्स :
1- इस जगह पर अगर सोने का कमरा हो तो व्यक्ति चतुर होता है।
2- शौचालय के यहाँ होते से बच्चे शर्मीले होते हैं।
3- खेलने का स्थान, बैठक, लाउन्ज तथा खाने के डाइनिंग टेबल यहाँ पर अच्छा माना जाता है।
4- द्वार पूर्व ३ का मतलब है खुशियां , तरक्की, लोकप्रियता, बड़ा नाम तथा बहुत सारा धन।
5- यहाँ पर लोग सफलता के लिए शार्ट कट्स भी अपना लेते हैं।
6- पौधों को यहाँ पर रखने से वो स्वस्थ्य और हरे भरे रहते हैं। यहीं पर घर या दफ्तर में आप फूलों और फलों की टोकरी भी रख सकते हैं।
7- इस द्वार क्षेत्र पूर्व 3 के घरों में रहने से लोगों का कायाकल्प हो जाता है।
8- अगर आपको को ऊर्जा चाहिए, मनोरंजन चाहिए, प्रफुलता से जीवन चाहिए तो यहाँ इस दिशा जोन में समय गुज़ारिए। यहाँ इस दिशा जोन में बैठने से मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। यहीं बैठ कर संगीत का भी आनंद ले सकते हैं।
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9- सेहत कल्याण हेतु बनाये वेलनेस सेण्टर यहाँ पर अच्छे माने जाते हैं। स्पा, झरने, नहाने का स्थान यहाँ पर अच्छा माना जाता है।
10- घर के स्वामी को ध्यान रखना चाहिए की घर के नौकर यहाँ पर ज़्यादा समय न बैठे वरना वो काम चोर हो जाएंगे तथा काम से मन चुरायेंगे।
दिनेश कुमार वोहरा
(लेखक एक प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य, अंकशास्त्री, वास्तु और भूमि दोष विशेषज्ञ हैं)
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वास्तु में पूर्व उत्तर पूर्व दिशा का महत्व
पूर्व दिशा कॉरिडोर के द्वार जिनको पूर्व 2 और पूर्व 3 द्वार भी कहते हैं इस दिशा जोन में आते हैं। 2 वास्तु देवता इस दिशा जोन के ऊपर अपना प्रभुत्व रखते हैं। पहला वास्तु देवता पर्जन्य है जो पूर्व द्वार 2 का स्वामी है। सब मनोवैज्ञानिक दवाएं इसी देवता के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। गाय की उर्वरता भी यहीं से संचालित होती है। अगर घर में यहाँ पर द्वार है तो घर में पुत्रियों की संख्या ज़्यादा होती है। पौधों को यहाँ अच्छा पोषण मिलता है। इस द्वार के घर में रहने वाली स्त्रियां साहसिक तथा मजबूत दृष्टिकोण वाली होती हैं। पर यहाँ पर प्रयास बहुत बार सार्थक सिद्ध नहीं होते हैं। रसोई घर अगर यहाँ पर हो तो पैसों की बहुत कमी रहती है। दायीं आँख यहीं इसी देवता से से संचालित होती है। जयंत इस दिशा जोन में दूसरा देवता है। ये देवता पूर्व ३ द्वार का स्वामी है। ये बहुत ही भाग्यशाली द्वार है। जिस घर या दफ्तर में ये द्वार हो तो वहाँ हमेशा सफलता, प्राण, ताकत, धन, पद और प्रतिष्ठा का वास रहता है। सभी लक्ष्य पूरे होते हैं। अगर इस स्थान पर शौचालय हो तो घर के बच्चे अपने आप को व्यक्त नहीं कर पाते हैं तथा शर्मीले स्वभाव के होते हैं। इस द्वार के घर में व्यापार सफल होते हैं तथा लोग साहसी होते हैं। दायाँ कान इसी देवता के अधिकार में है।
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इस दिशा जोन के लिए 10 वास्तु टिप्स :
1- इस जगह पर अगर सोने का कमरा हो तो व्यक्ति चतुर होता है।
2- शौचालय के यहाँ होते से बच्चे शर्मीले होते हैं।
3- खेलने का स्थान, बैठक, लाउन्ज तथा खाने के डाइनिंग टेबल यहाँ पर अच्छा माना जाता है।
4- द्वार पूर्व ३ का मतलब है खुशियां , तरक्की, लोकप्रियता, बड़ा नाम तथा बहुत सारा धन।
5- यहाँ पर लोग सफलता के लिए शार्ट कट्स भी अपना लेते हैं।
6- पौधों को यहाँ पर रखने से वो स्वस्थ्य और हरे भरे रहते हैं। यहीं पर घर या दफ्तर में आप फूलों और फलों की टोकरी भी रख सकते हैं।
7- इस द्वार क्षेत्र पूर्व 3 के घरों में रहने से लोगों का कायाकल्प हो जाता है।
8- अगर आपको को ऊर्जा चाहिए, मनोरंजन चाहिए, प्रफुलता से जीवन चाहिए तो यहाँ इस दिशा जोन में समय गुज़ारिए। यहाँ इस दिशा जोन में बैठने से मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। यहीं बैठ कर संगीत का भी आनंद ले सकते हैं।
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9- सेहत कल्याण हेतु बनाये वेलनेस सेण्टर यहाँ पर अच्छे माने जाते हैं। स्पा, झरने, नहाने का स्थान यहाँ पर अच्छा माना जाता है।
10- घर के स्वामी को ध्यान रखना चाहिए की घर के नौकर यहाँ पर ज़्यादा समय न बैठे वरना वो काम चोर हो जाएंगे तथा काम से मन चुरायेंगे।
दिनेश कुमार वोहरा
(लेखक एक प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य, अंकशास्त्री, वास्तु और भूमि दोष विशेषज्ञ हैं)