फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Astrology ›   Vaastu ›   Vastu Shastra tips for home

वास्तु टिप्स : उत्तर-पूर्व दिशा में छिपे हुए हैं आपके सवालों के जवाब, उपाय से बदलती है किस्मत

Sat, 24 Nov 2018 04:03 PM IST
दिनेश कुमार वोहरा
दिनेश कुमार वोहरा Updated Sat, 24 Nov 2018 04:03 PM IST
विज्ञापन
Vastu Shastra tips for home
vastu tips

उत्तर उत्तर पूर्व को आरोग्य दिशा जोन के नाम से भी जाना जाता है। इसका रंग नीला / काला है तथा इसका तत्व जल है। आरोग्य की दृष्टि से ये एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिशा जोन है। इस दिशा जोन में 2 द्वार आते हैं : उत्तर उत्तर पूर्व 6 का द्वार तथा उत्तर उत्तर पूर्व 7 का द्वार।

विज्ञापन


उत्तर उत्तर- पूर्व
वास्तु देवता इस जोन का स्वामित्व करते हैं तथा वो हमारे जीवन में महत्वपूर्ण रोल अदा करते हैं। यहाँ भुजंग प्रथम वास्तु देवता है तथा ये उत्तर उत्तर पूर्व द्वार 6 का स्वामित्व करता है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार ये एक सांप है तथा ये औषधियों की सुरक्षा करता है। यह सेक्स जीवन के लिए भी आवश्यक ऊर्जा भी प्रदान करता है। ये देवता हमारी बांयी गर्दन को सुरक्षा देता है। ये देवता हमारे शरीर की कुण्डलनी के साथ भी सम्बंधित है। इसी देवता की ऊर्जा के कारण हमारे शरीर की ऊर्जा संतुलित रहती है।
विज्ञापन


दूसरा वास्तु देवता इस दिशा जोन में अदिति है तथा ये उत्तर उत्तर पूर्व 7 द्वार की स्वामिनी है। इन्हें देवताओं की माता के रूप में भी जाना जाता है। ये देवता हमें शांति, ऊर्जा, सुरक्षा, पोषण तथा कार्य करने की क्षमता प्रदान करता है। हमारे बाएं कान की सुरक्षा भी इनके हाथ में है। अगर इस दिशा जोन में कोई कमी है या उसमे विरोधी तत्त्व हैं तो व्यक्ति दिशा विहीन, बेचैन और डरपोक हो जाएगा। ऐसे में व्यक्ति को हर कदम पर एक गुरु की ज़रूरत होगी जो उसको रास्ता दिखा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


दिशा में छिपा है आरोग्य का राज
इस दिशा जोन को आरोग्य या स्वस्थ्य का जोन भी कहा जाता है। इस दिशा जोन में स्टोर, रसोई, भारी सामान, बिजली के भारी यन्त्र या उपकरण अथवा बड़ा पानी का भण्डारण बहुत नुक्सान कर सकता है। अगर यहाँ इस दिशा जोन में रसोई हो तो गृहणी को ख़ास तौर पर बहुत ज़्यादा स्वाथ्य की समस्या आ सकती है । ठण्ड या कफ की शिकायत भी इस परिस्थिति में हो सकती है। अगर बीमार व्यक्ति यहाँ प्रतिदिन कुछ समय गुज़ारे तो उनको जल्द स्वस्थ लाभ होगा। दवाइयां भी यहीं रखनी चाहिए ताकि वो ज़्यादा प्रभावशाली हो सकें। ये दिशा जोन पानी का जोन है इसलिए यहाँ पर लाल, गुलाबी, बैंगनी, गहरे लाल रंग की वस्तुओं या रंगों से परहेज़ करना चाहिए। इन विपरीत तथा विरोधी तत्व के रंगों से यहाँ पर गृहणी को
स्वस्थ्य में काफी परेशानी हो सकती है तथा गर्दन और बाएं कान में भी खराबी हो सकती है।

इस दिशा से सम्बंधित वास्तु टिप्स:
1. बीमार तथा कमज़ोर लोगों को इस दिशा जोन में प्रतिदिन कुछ घंटे बैठना चाहिए।

2. नीले रंग का बल्ब जलाना यहाँ पर लाभदायक होगा।

3. गृहणियां गैस स्टोव के नीचे पीले रंग का संगमरमर का स्लैब रखें अगर रसोई इस दिशा जोन में है।

4. दवाइयां भी इसी दिशा जोन में रखें।

5. यहाँ पर स्टोर कभी भी न बनवाएं।

6. द्वार उत्तर उत्तर पूर्व 6 के दोष दूर करने के उपाय: बुधवार की सुबह उबले काली चने नमक डाल कर मुख्य द्वार के दोनों और 2 -2 चम्मच रखें तथा उसे संध्या को पानी में प्रवाहित कर दें अथवा किसी पेड़ के नीचे रख दें। उसको किसी गाय को भी खिला सकते हैं।


7. द्वार उत्तर उत्तर पूर्व 7 के दोष दूर करने के उपाय : देसी घी का हलवा हर गुरुवार की सुबह मुख्य द्वार के दोनों और 2 -2 चम्मच रखें तथा उसे संध्या को पानी में प्रवाहित कर दें अथवा किसी पेड़ के नीचे रख दें। उसको किसी गाय को भी खिला सकते हैं

8. इस दिशा जोन में कभी भी शौचालय अथवा सीढ़ियां न बनवाएं

(लेखक एक प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य, अंकशास्त्री, वास्तु और भूमि दोष विशेषज्ञ हैं)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed