घर में इन तीन देवी- देवताओं की बैठी हुई प्रतिमा पहुंचाती हैं नुकसान
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पूजाघर और वास्तुशास्त्र का खास संबंध है। लोग घर में वास्तुशास्त्र का उतना ध्यान ना रखें, जितना पूजाघर को लेकर ध्यान में रखते हैं। वास्तुशास्त्र में पूजाघर को लेकर विशेष नियम बने हैं, जिसके अनुसार अगर पूजाघर वास्तुशास्त्र के अनुसार हो तो घर में सुख समृद्घि बनी रहती है। यही नहीं कई बार तो सही व्यक्ति की किस्मत की चमक जाती है। वास्तु के अनुसार आपके पूजाघर में इन तीन देवी देवताओं की तस्वीर या मूर्ति हमेशा खड़ी स्थिति में होनी चाहिए।
- पूजा घर उत्तर पूर्व दिशा में बनाना चाहिए, लेकिन अगर आपके घर में अधिक स्थान नहीं है तो रसोई घर के ईशान कोण में मंदिर बना सकते हैं।
- अपने पूजा घर में देवी- देवताओं की अधिक तस्वीर या मूर्तियां ना रखें। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि भगवान गणेश, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर बैठी हुई मुद्रा में ना हों। इन तीनों देवी देवताओं की तस्वीर या मूर्ति हमेशा खड़ी स्थिति में ही होनी चाहिए।
- पूजाघर में कभी भी अंधेरा ना रखें, इसीलिए धीमी रोशनी वाले बल्ब लगाएं। इसके अलावा वहां सीलन नहीं होनी चाहिए।
- वास्तुशास्त्र के अनुसार शाम को पूजा के समय देवी देवताओं के सामने पर्याप्त रोशनी हो और इसके लिए घी का दीया जलाना शुभ होता है। माना जाता है इस समय धन की देवी लक्ष्मी घर में आती है, इस वजह से कभी भी घर में अंधेरा ना रखें।
- पूजा करने वाले का मुंह अगर पश्मिच दिशा में हो तो ये शुभ फल देता है। इसके लिए पूजा घर का गेट पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।
- जहां पर आपका पूजा स्थल है, उसके नीचे मोटर या इन्वर्टर ना रखें। इसके स्थान पर पूजन सामग्री, धार्मिक पुस्तकें आदि ही रखें।