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आईना भी बन सकता है दुर्भाग्य का कारण, इन बातों को न करें नजरंदाज
Wed, 23 Jan 2019 01:04 PM IST
Madhukar Mishra
अनीता जैन, वास्तुविद्
अनीता जैन, वास्तुविद्
Published by: Madhukar Mishra
Updated Wed, 23 Jan 2019 01:04 PM IST
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mirror vastu tips
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दिन भर में आप न जाने कितनी बार खुद को देखने के लिए दर्पण का उपयोग करते होंगे। सुंदर फ्रेम में लगे हुए मिरर को घर की साज़-सज्जा के लिए बड़े चाव से बाजार से खरीद कर लाते होंगे, लेकिन क्या आप जानते है कि इसकी उपयोगिता सिर्फ देखने और सजाने भर तक ही सीमित नहीं रह जाती है। इसका घर के वास्तु से गहरा संबंध है।
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दर्पण से दूर करें दुर्भाग्य
घर की किस दिशा में, किस आकृति का दर्पण लगा है, इसका भवन एवं वहां की आस-पास की ऊर्जा पर अच्छा ख़ासा प्रभाव पड़ता है। इसलिए वास्तु में इसके सही इस्तेमाल पर ज़ोर दिया जाता है। क्योंकि सही दिशा में दर्पण लगाकर यदि वास्तुदोष का निवारण किया जा सकता है, तो वहीं इसके गलत दिशा में लगे होने से नकारात्मक ऊर्जा के स्तर में वृद्धि हो जाती है, जिसके कारण स्वास्थ्य एवं धन की हानि हो सकती है।
घर की किस दिशा में, किस आकृति का दर्पण लगा है, इसका भवन एवं वहां की आस-पास की ऊर्जा पर अच्छा ख़ासा प्रभाव पड़ता है। इसलिए वास्तु में इसके सही इस्तेमाल पर ज़ोर दिया जाता है। क्योंकि सही दिशा में दर्पण लगाकर यदि वास्तुदोष का निवारण किया जा सकता है, तो वहीं इसके गलत दिशा में लगे होने से नकारात्मक ऊर्जा के स्तर में वृद्धि हो जाती है, जिसके कारण स्वास्थ्य एवं धन की हानि हो सकती है।
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ताकि पॉज़िटिव एनर्जी का हो प्रवेश
वास्तु विज्ञान के अनुसार सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह पूर्व से पश्चिम की ओर एवं उत्तर से दक्षिण की ओर रहता है। इसलिए दर्पण को हमेशा पूर्व और उत्तर वाली दीवारों पर इस प्रकार लगाना चाहिए कि देखने वाले का मुख पूर्व या उत्तर में रहे। इन दिशाओं में दर्पण लगाने से जीवन में उन्नति एवं धन लाभ के अवसर बढ़ जाते हैं।
वास्तु विज्ञान के अनुसार सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह पूर्व से पश्चिम की ओर एवं उत्तर से दक्षिण की ओर रहता है। इसलिए दर्पण को हमेशा पूर्व और उत्तर वाली दीवारों पर इस प्रकार लगाना चाहिए कि देखने वाले का मुख पूर्व या उत्तर में रहे। इन दिशाओं में दर्पण लगाने से जीवन में उन्नति एवं धन लाभ के अवसर बढ़ जाते हैं।
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पश्चिम या दक्षिण दिशा की दीवारों पर लगे दर्पण, पूर्व और उत्तर से आ रही सकारात्मक ऊर्जाओं को रिफ्लेक्ट कर देते हैं।
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यहां भूलकर भी न लगाएं दर्पण
शयन कक्ष में दर्पण भूलकर भी न लगाएं। बेडरूम में दर्पण लगाने से दांपत्य जीवन में विश्वास की कमी आती है। इसके साथ ही पति-पत्नी में आपसी मतभेद भी बढ़ता है। यदि ड्रेसिंग टेबल रखना ज़रूरी ही हो तो इस तरह रखें कि सोने वालों का प्रतिबिम्ब उसमें दिखाई न दे, या फिर सोने से पहले इसे ढक दें। यह भी ध्यान रहे कि जहां दर्पण लगा हो उसमें नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाने वाली वस्तुओं का प्रतिबिम्ब दिखाई न पड़े।
शयन कक्ष में दर्पण भूलकर भी न लगाएं। बेडरूम में दर्पण लगाने से दांपत्य जीवन में विश्वास की कमी आती है। इसके साथ ही पति-पत्नी में आपसी मतभेद भी बढ़ता है। यदि ड्रेसिंग टेबल रखना ज़रूरी ही हो तो इस तरह रखें कि सोने वालों का प्रतिबिम्ब उसमें दिखाई न दे, या फिर सोने से पहले इसे ढक दें। यह भी ध्यान रहे कि जहां दर्पण लगा हो उसमें नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाने वाली वस्तुओं का प्रतिबिम्ब दिखाई न पड़े।