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यदि करते हैं भगवद्गीता का पाठ तो इन नियमों को जानना है आवश्यक

Mon, 14 Jun 2021 10:23 AM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Mon, 14 Jun 2021 10:23 AM IST
सार

महाभारत युद्ध से पहले भगवान श्रीकृष्ण के द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेश ही भगवद्गीता के रूप में अलंकृत हैं। भगवद्गीता में 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं।

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To read the Bhagavad Gita it is necessary to keep these rules in mind
भगवद्गीता (प्रतीकात्मक तस्वीर)

विस्तार

जिस तरह प्रत्येक धर्म में उसका एक धार्मिक ग्रंथ होता है, उसी प्रकार से सनातन धर्म में गीता को धार्मिक ग्रंथ का दर्जा दिया गया है। भगवद्गीता  महाभारत का एक भाग है। जब रणभूमि में अपने सगे-संबंधियों को देखकर अर्जुन विचलित हो जाते हैं और शस्त्र उठाने से मना कर देते हैं, तब भगवान श्री कृष्ण उनके ज्ञान चक्षु खोलने के लिए उपदेश देते हैं। महाभारत युद्ध से पहले भगवान श्रीकृष्ण के द्वारा अर्जुन को दिए गए ये उपदेश ही भगवद्गीता के रूप में अलंकृत हैं। भगवद गीता में 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं। भगवद्गीता मनुष्य को सही राह दिखाती है। यह एक धर्म से कहीं ज्यादा ऊपर है। इसके एक-एक श्लोक में ज्ञान है। जो व्यक्ति प्रतिदिन गीता पढ़ता है या श्रवण करता है उसके जीवन में सदैव सुख और संतुष्टि रहती है और वह हर परिस्थिति व संकट से निकलने में सक्षम रहता है। वैसे तो भक्ति भाव के साथ भगवद्गीता का पाठ कहीं भी किया जा सकता है लेकिन उसका पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए इसके नियमों को जानना बेहद आवश्यक है। तो आइए जानते हैं भगवद्गीता के नियम।

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To read the Bhagavad Gita it is necessary to keep these rules in mind
भगवद्गीता (प्रतीकात्मक तस्वीर)
भगवद्गीता पढ़ने के सर्वोत्तम लाभ के लिए नियम

सुबह के समय मन, मस्तिष्क और वातावरण में शांति एवं सकारात्मकता रहती है, अतः पाठ करते समय एकाग्रता बनी रहती है इसलिए गीता को सुबह के समय पढ़ें तो उत्तम रहता है।

 

गीता का पाठ सदैव स्नान करने के बाद ही करना चाहिए और हो सके तो पाठ करने से पहले चाय, दूध या पानी आदि नहीं पीना चाहिए। 

 

पाठ करते समय पूरी एकाग्रता रखना आवश्यक होता है इसलिए बीच-बीच में बोलना नहीं चाहिए और न ही इधर-उधर की बातों पर ध्यान देना चाहिए।

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To read the Bhagavad Gita it is necessary to keep these rules in mind
महाभारत गीता

प्रतिदिन भगवद्गीता को एक निश्चित समय और निश्चित अवधि में पढ़ना चाहिए। रोजाना एक अध्याय करने का संकल्प भी कर सकते हैं।

 

जिस स्थान पर आप गीता पढ़ते हैं, वहां की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। जिस स्थान पर गीता पढ़ते हैं, वहां की सफाई केवल आपके द्वारा की जानी चाहिए।

 

गीता पढ़ने के लिए एक साफ कंबल, ऊनी कालीन, फर के आसन आदि पर बैठना चाहिए। जिस आसन पर बैठकर गीता पढ़ते हैं उसे रोजाना नहीं बदलना चाहिए।

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To read the Bhagavad Gita it is necessary to keep these rules in mind
bhagwat gita

अध्याय शुरू करने से पहले भगवान गणेश और श्रीकृष्ण के किसी भी मंत्र को पढ़ना चाहिए। इसके लिए मंत्र को अर्थ सहित याद कर लेना चाहिए।

 

गीता में संस्कृत में अर्थ सहित श्लोक लिखें हैं। पहले प्रत्येक संस्कृत श्लोक को स्पष्ट उच्चारण के साथ पढ़ें और उसके बाद अनुवाद को भी समझते हुए पढ़ें।

 

प्रत्येक अध्याय को आरंभ से पहले और बाद में भगवान श्रीकृष्ण और भगवद्गीता के चरण कमलों को स्पर्श करें।

 

भगवद्गीता के जिस अध्याय का पाठ करने जा रहे हो उसका महात्म्य अवश्य पढ़ें।

 

भगवद्गीता मनुष्य को सही राह दिखाती है और अच्छे कर्म करने के लिए प्रेरित करती है इसलिए जब गीता के वचनों को अपने जीवन में भी पालन करने की कोशिश करें।

जो व्यक्ति प्रतिदिन गीता पढ़ने के साथ ही उसे अपने जीवन में भी पालन करता है, भगवान श्रीकृष्ण सदैव उसके साथ रहते हैं।

 

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