Surya Grahan 2020: सूर्य ग्रहण खत्म, कई जगहों पर दिखा रिंग ऑफ फायर का नजारा
Solar Eclipse (सूर्य ग्रहण) June 2020 Live Updates: आज देश के कई हिस्सों में सूर्य ग्रहण के दौरान रिंग ऑफ फायर का नजारा दिखाई दिया। इस सूर्य ग्रहण के बाद अब अगला ग्रहण 14-15 दिसंबर में होगा। यह ग्रहण पूर्ण सूर्यग्रहण होगा लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इस कारण से सूतक मान्य नहीं होगा। यह अफ्रीका के दक्षिणी भाग, अधिकांश दक्षिण अमेरिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक और हिंद महासागर और अंटार्कटिका में दिखाई देगा।
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विस्तार
21 जून यानी आज सूर्य ग्रहण घटित हुआ। यह इस साल का पहला सूर्य ग्रहण था। यह सूर्य ग्रहण भारत में भी दिखाई दिया। यह सूर्य ग्रहण आषाढ़ अमावस्या के दिन मिथुन राशि और मृगशिरा नक्षत्र में लगा। मिथुन बुध ग्रह की राशि है और मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल ग्रह है। आइए जानते हैं इस सूर्य ग्रहण से जुड़ी हुई सारी बातें -
सूर्य ग्रहण का समय
सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजकर 15 मिनट के करीब शुरू हुआ, जो दोपहर 3 बजकर 4 मिनट पर समाप्त हो गया। यह लंबी अवधि का सूर्य ग्रहण है। यह सूर्य ग्रहण वलयाकार था जो रिंग ऑफ फायर की तरह दिखाई दिया।
ग्रहण का समय शुरू होते ही आसमान का नजारा बदलने लगा
पाकिस्तान के कराची में सूर्य ग्रहण
कुछ इस तरह दिखाई दिया सूर्य ग्रहण
Uttarakhand: #SolarEclipse2020 as seen in the skies of Dehradun. pic.twitter.com/Zg0zOpwIou
— ANI (@ANI) June 21, 2020
Delhi: #SolarEclipse2020 as seen in the cloudy skies of the national capital. pic.twitter.com/Y29PNlnpWW
— ANI (@ANI) June 21, 2020
इस तरह का वलयाकार सूर्य ग्रहण देशवासी अगली बार 2022 में देख सकेंगे
गोरखपुर के क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय ने बताया कि वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला में टेलीस्कोप, सोलर गोगल की मदद से शहरवासियों को सूर्य ग्रहण की घटना का दीदार कराया गया। बताया कि इस तरह का वलयाकार सूर्य ग्रहण देशवासी अगली बार 2022 में देख सकेंगे।
अल्मोड़ा में सूर्य ग्रहण का अदभुत नजारा दिखा
सूर्य ग्रहण लगने के बाद शंख ध्वनि
धार्मिक परंपराओं को मानने वाले अनेक लोगों ने सूर्य ग्रहण लगने के बाद शंख ध्वनि करके ग्रहण के छूटने की कामना की। अनेक लोगों ने जप, पाठ आदि भी किए। ग्रहण के छूटने के साथ धीरे धीरे रोशनी भी बढ़ती गई।
हनले गांव से खगोलीय घटनाओं के ज्यादा बेहतर आंकड़े
समुद्रतल से अत्यधिक ऊंचाई के चलते हनले गांव से खगोलीय घटनाओं के ज्यादा बेहतर आंकड़े जुटाए जाते हैं। लद्दाख में तनाव के बीच एलएसी से सटे हनले गांव सूर्यग्रहण की खगोलीय घटना को अन्य क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा साफ और करीब से देखे जा रहा है। हनले में जो दृश्य दिख रहा वो मुख्यतः नैनीताल के आकाश का है।
जम्मू में सूर्य ग्रहण
ताजनगरी में सूर्य ग्रहण
Gujarat: #SolarEclipse2020 seen in the skies of Gandhinagar.
— ANI (@ANI) June 21, 2020
The solar eclipse will be visible until 1:32 PM with maximum visibility of the eclipse at 11:42 IST. It will be visible from Asia, Africa, the Pacific, the Indian Ocean, parts of Europe and Australia. pic.twitter.com/Lp0xs53JoF
Rajasthan: #SolarEclipse2020 seen in the skies of Jaipur.
— ANI (@ANI) June 21, 2020
The solar eclipse will be visible until 1:44 PM with maximum visibility of the eclipse at 11:55 IST. It will be visible from Asia, Africa, the Pacific, the Indian Ocean, parts of Europe and Australia. pic.twitter.com/MnnFvua1St
#WATCH Jammu and Kashmir: Jammu witnesses #SolarEclipse2020
— ANI (@ANI) June 21, 2020
It will start at 9:15 AM and will be visible until 3:04 PM. The maximum eclipse will take place at 12:10 IST. It will be visible from Asia, Africa, the Pacific, the Indian Ocean, parts of Europe and Australia. pic.twitter.com/hewOopYiCY
सूर्य ग्रहण पर नासा की गाइड लाइन
सदी के दुर्लभ और साल के पहला सूर्य ग्रहण ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा
सदी के दुर्लभ और साल के पहला सूर्य ग्रहण ने रविवार को सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। देश के कई हिस्सों में रिंग ऑफ फायर का नजारा दिखाई दिया। इसके बाद ग्रहण का मोक्ष काल शुरू हो गया है। यह ग्रहण दोपहर 3 बजकर 4 मिनट पर समाप्त होगा। देश के कई शहरों से इसका नजारा अलग-अलग दिखाई दिया।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम के बदलाव के बीच दिखा नजारा
सदी का दुर्लभ और साल का पहला सूर्य ग्रहण समाप्त होने जा रहा है। दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब खत्म होने वाले इस ग्रहण का अद्भुत और अभूतपूर्व नजरा राजधानी दिल्ली में भी देखने को मिला। दिल्ली में सुबह से तो मौसम सामान्य ही था, लेकिन ग्रहण का समय शुरू होते ही धीरे-धीरे आसमान का नजारा बदलने लगा।
साल के पहले सूर्यग्रहण की शुरूआत गोरखपुर में
हनले में सूर्यग्रहण को रिकॉर्ड जा रहा है
लद्दाख में तनाव के बीच एलएसी से सटे हनले गांव सूर्यग्रहण की खगोलीय घटना को अन्य क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा साफ और करीब से देखे जा रहा है। हनले में जो दृश्य दिख रहा वो मुख्यतः नैनीताल के आकाश का है। एलएसी से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित इंडियन एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्वेटरी हनले में विशेष टेलीस्कोप से सूर्यग्रहण को रिकॉर्ड जा रहा है।
बादलों के कारण सूर्य ग्रहण ज्यादा नहीं देखा जा सका
नैनीताल में अधिकांश समय बादल होने के कारण सूर्य ग्रहण ज्यादा नहीं देखा जा सका। वैज्ञानिक एसबी पांडे ने बताया कि आर्यभट्ट शोध एवं प्रेक्षण विज्ञान संस्थान एरीज में चार टेलिस्कोप के माध्यम से सूर्यग्रहण के नजारे अपने फेसबुक पेज, यूट्यूब और जूम एप से दिखाने की व्यवस्था की गई थी लेकिन बादलों के कारण इसमें बाधा आई।
एरीज ने सूर्यग्रहण का मनमोहक नजारा फेसबुक पेज पर दिखाया
कुछ ही देर में समाप्त हो जाएगा सूर्यग्रहण
महत्वपूर्ण होता है ग्रहण का आखिरी समय
सभी राशियों पर पड़ता है असर
मेष राशि के लिए कैसा रहेगा सूर्य ग्रहण
राशि से पराक्रम भाव में वाला ये कंकड़ सूर्य ग्रहण आपका आर्थिक पक्ष मजबूत करेगा। कार्य व्यापार में उन्नति होगी। आपके साहस एवं शौर्य की सराहना तो होगी ही आपके द्वारा लिए गए निर्णय एवं किए गए कार्य भी सफल रहेंगे। परिवार के बड़े सदस्यों एवं भाइयों से मतभेद न पैदा होने दें।
वृष राशि के लिए कैसा रहेगा सूर्य ग्रहण
मिथुन राशि के लिए कैसा रहेगा सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण के सिर्फ 7 मिनट शेष
कुछ ही देर में खत्म हो जाएगा ग्रहण
ग्रहण पर ज्योतिष vs विज्ञान
ग्रहण के बारे में हमारे ऋषियों और मुनियों को इस खगोलीय घटना का ज्ञान ईसा से चार हजार वर्ष पहले हो ही गया था। वेदांग ज्योतिष में सूर्य और चंद्र ग्रहण के संबंध में विस्तार से बताया गया है। महर्षि अत्रि को सबसे पहले ग्रहण का ज्ञाता माना जाता है। वहीं विज्ञान ग्रहण को मात्र एक खगोलीय घटना मानता आ रहा हैं जब सूर्य , चंद्रमा और सूर्य एक सीध में आतें तब ग्रहण लगता है।
देशभर में समाप्त हुआ सूर्यग्रहण
सूर्य ग्रहण के बाद करें ये काम
ग्रहण खत्म होने पर पूजा-पाठ करें
5 जुलाई को लगेगा ग्रहण
सूर्य ग्रहण के बाद अब अगला ग्रहण चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) होगा, जो 5 जुलाई को लगेगा। जुलाई के पहले सप्ताह में लगने वाला चंद्र ग्रहण इस साल का तीसरा चंद्र ग्रहण होगा। इससे पहले 10 जनवरी को पहला और 05 जून को दूसरा चंद्र ग्रहण लगा था। इस साल कुल चार चंद्र ग्रहण लगेंगे। साल का आखिरी और चौथा चंद्र ग्रहण 30 नवंबर को को लगेगा। वहीं इस साल दो सूर्य ग्रहण हैं। पहला 21 जून को लग चुका है, दूसरा 14 दिसंबर को लगेगा।
भारत से नजर आने वाला अगला सूर्यग्रहण
गोरखपुर के क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय ने बताया कि भारत से नजर आने वाला अगला सूर्यग्रहण 20 मार्च 2034 को पड़ेगा जो कि एक पूर्ण सूर्यग्रहण होगा और भारत इस दुर्लभ घटना का गवाह बनेगा। उसके बाद भारत से अगला सूर्यग्रहण 17 फरवरी 2064 को नजर आएगा और इस सदी का भारत से नजर आने वाला अंतिम सूर्यग्रहण 22 जून, 2085 को पड़ेगा।
सभी के लिए दुर्लभ रहा सूर्य ग्रहण का दृश्य
'रिंग ऑफ फायर' के नाम से प्रचलित कंकण सूर्यग्रहण आज भारत के साथ विश्व भर में दिखाई दिया। ज्योतिष वैैज्ञानिकों और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज दिखने वाला सूर्य ग्रहण पूर्ण रूप से कुंडलाकार था। यह दृश्य सभी के लिए दुर्लभ रहा।
खुलने लगे हैं मंदिरों के कपाट
शनिवार रात 9:15 मिनट पर सूतक काल लग गया था। इसलिए 21 जून रविवार सुबह मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद थे। अपराह्न 3 बजे ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर में शुद्धिकरण के बाद शाम 4:00 बजे से दर्शन की अनुमति होगी।
इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण 14 दिसंबर को
ज्योतिष वैज्ञानिकों के अनुसार इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण 14 दिसंबर को दिखेगा। यह सूर्य ग्रहण दक्षिण अमेरिका, अटलांटिक महासागर, अफ्रीका आदि देशों में देखा जा सकेगा। भारत में ये सूर्य ग्रहण नहीं देखा जाएगा, जिस वजह से इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
उत्तर प्रदेश मे सूर्य ग्रहण
सहारनपुर के बेहट क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया सूर्य ग्रहण
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