Solar Eclipse: 2 दिन बाद सूर्यग्रहण, एक ही राशि में होंगे 6 ग्रह
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गुरुवार, 26 दिसंबर को साल 2019 का अंतिम सूर्यग्रहण देखने को मिलेगा। यह खंडग्रास सूर्यग्रहण होगा। सूर्य ग्रहण पर भी गुरुवार और अमावस्या का संयोग भी बनेगा। इसके पहले यह संयोग 29 दिसंबर 2016 को देखने को मिलेगा। सूर्यग्रहण मूल नक्षत्र और धनु राशि में होगा। ग्रहण के दौरान 6 ग्रह धनु राशि में रहेगा।
- धनु राशि में 6 ग्रह
26 दिसंबर को ग्रहण के समय सूर्य, बुध, गुरु, शनि, चंद्र और केतु धनु राशि में एक साथ रहेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 6 ग्रहों की ऐसी स्थिति तीन सदी पहले बनी थी।
- ग्रहण का सूतक काल
सूर्य ग्रहण में सूतक काल ग्रहण से 12 घंटे पूर्व से माना जाता है जबकि चंद्र ग्रहण में 5 घंटे।सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देने के कारण सूतक का असर रहेगा। सूतक का समय ग्रहण के एक दिन पहले ही शुरू हो जाएगा। सूतक 25 दिसंबर की शाम 5:33 मिनट से शुरू होगा और अगले दिन सुबह 10:57 पर सूर्य ग्रहण की समाप्ति के बाद खत्म होगा। ग्रहण में सूतक का विशेष महत्व होता है। हिंदू धर्म में सूतक लगने पर कई तरह के कार्यो को नहीं किया जा सकता। सूतक के समय को अशुभ समय माना गया है।
- सूर्य ग्रहण कहां-कहां दिखाई देगा
26 दिसंबर को लगने वाला ग्रहण भारत समेत यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी अफ्रीका में दिखाई देगा।
- ग्रहण में क्या न करें
- ग्रहणकाल में किसी भी नए कार्य का शुभारंभ न करें।
- सूतक के समय भोजन बनाना और खाना वर्जित होता है।
- देवी-देवताओं की मूर्ति और तुलसी के पौधे का स्पर्श नहीं करना चाहिए।
- ग्रहण में क्या करें
- ग्रहण के समय में भगवान का ध्यान और भजन करना चाहिए।
- मंत्रों का उच्चारण करें।
- ग्रहण समाप्ति के बाद घर पर गंगाजल का छिड़काव करें।
- सूतक काल के पहले तैयार भोजन को बर्बाद न करें, बल्कि उसमें तुलसी के पत्ते डालकर भोजन को शुद्ध करें।