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शनि जयंती पर होंगे कई शुभ संयोग एक साथ, ज्योतिष नजरिए से है खास

Tue, 28 May 2019 03:36 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Tue, 28 May 2019 03:36 PM IST
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shani jayanti 2019: somvati amawasya 2019 vat savitri vrat
shani dev

ज्योतिष नजरिए और हिन्दू पंचांग की गणना के अनुसार हर दिन कुछ शुभ तो कुछ अशुभ संयोग बनते रहते हैं। जहां ग्रह नक्षत्रों के शुभ संयोग से जीवन में परेशानियां कम होती है वहीं अशुभ संयोग बनने से समस्याएं बढ़ने लगती हैं। अगले माह 3 जून को एक साथ कई शुभ योग बन रहे हैं। 3 जून का शनि जयंती है इस दिन सोमवार है और अमावस्या भी, जिसके कारण सोमवती अमावस्या का का संयोग बनेगा। इसके अलावा सोमवार, 3 जून को वट सावित्री व्रत भी है। सौभाग्यशाली महिलाओं के लिए इस वट सावित्री व्रत का खास महत्व होता है। इसमें सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु की कामना के लिए वट की पूजा करती है। 3 जून को ही सर्वार्थ सिद्धि योग भी बनेगा। ज्योतिष में इस योग का बहुत महत्व होता है। इस योग में किए जाने वाले किसी भी शुभ कार्य में सफलता मिलने की संभावना ज्यादा रहती है।

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शनि जयंती 
ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि पर भगवान शनि का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस तिथि पर ही सूर्य और छाया के पुत्र शनि का जन्म हुआ था। कुंडली से शनि दोष को दूर करने के लिए शनि जयंती पर विशेष पूजा करने से जीवन में आयी बाधा दूर हो जाती है। शनि जयंती पर भगवान शनि के दर्शन करने और उन्हें तेल चढ़ाने से शनि दोष उतर जाता है। शनि जयंती पर गंगा स्नान और गरीबों को दान करना चाहिए।
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शनि जयंती के अवसर पर शनि दोष निवारण पूजा (03 जून 2019, सोमवार)

वट-सावित्री व्रत
3 जून को ही वट- सावित्री व्रत रखा जाएगा। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या वट सावित्री अमावस्या कहलाती है। इस दिन सौभाग्यवती महिलाएं अखंड सौभाग्य प्राप्त करने के लिए वट सावित्री व्रत रखकर वटवृक्ष और यमदेव की पूजा करती हैं। वट सावित्री व्रत में वट और सावित्री, दोनों का विशेष महत्व है। ज्येष्ठ महीने की अमावस्या के ही दिन सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान का जीवन दोबारा से प्राप्त किया था।
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सोमवती अमावस्या
धर्म शास्त्रों मे अमावस्या का विशेष महत्व माना गया है। प्रत्येक महीने में अमावस्या आती है। सोमवार के दिन अमावस्या होने के कारण इसे सोमवती अमावस्या कहते हैं। अमावस्या के दिन नदियों में स्नान करने और दान-पुण्य करने की मान्यता है। 


सर्वार्थ सिद्धि योग
ज्योतिष में सर्वार्थ सिद्धि योग को बहुत ही शुभ योग माना जाता है। हर प्रकार से लाभ की प्राप्ति को ही सर्वार्थ सिद्धि योग कहा गया है। यह एक शुभ योग है इसलिए इस योग में संपन्न होने वाले कार्यों से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। सर्वार्थ सिद्धि योग सभी शुभ कार्यों के शुभारंभ के लिए उपयुक्त समय होता है।


 
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