फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Astrology ›   Shani Jayanti in 2019 shanidev puja vidhi tips and importance

Shani Jayanti 2019: आज है शनि जयंती, जानें पूजन विधि और शनि उपासना के नियम

Mon, 03 Jun 2019 08:17 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 03 Jun 2019 08:17 AM IST
विज्ञापन
Shani Jayanti in 2019 shanidev puja vidhi tips and importance
शनि जयंती 2019
शनि जयंती 2019:
विज्ञापन

शनि को न्याय का देवता कहा जाता है। व्यक्ति के कर्मो के हिसाब से फल प्रदान करते हैं। भगवान शनिदेव का जन्मोत्सव हर साल हिंदू पंचांग के ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन मनाया जाता  है। इस बार 3 जून शनि जयंती है। शनि जयंती पर शनि दर्शन और पूजा का विशेष महत्व होता है। जिन जातकों की कुंडली में शनि की महादशा, अंतर्दशा, साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही होती है शनि देव की पूजा और कुछ उपायो करने से परेशानियों से छुटकारा मिला जाता है। आइए जानते हैं शनि जयंती पर शनि पूजा का महत्व....

शनि जयंती के अवसर पर शनि दोष निवारण पूजा (03 जून 2019, सोमवार)

कौन है शनि देव
सूर्य पुत्र भगवान शनि न्याय के देवता है और सभी 9 ग्रहों में ज्योतिष के नजरिए से शनि ग्रह का विशेष महत्व है। माना जाता है कि हर राशि पर शनि का असर लगभग साढ़े सात साल तक रहता है। 2019  में वृश्चिक, मकर और धनु राशि पर शनि का प्रभाव रहेगा। 
विज्ञापन


मान्यता है की जातक के जीवन में मुश्किलें और  बीमारियों को लाने का काम शनि करता है। लेकिन, यह मान्यता सरासर गलत है। शनिदेव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। शनि के शुभ होने पर वह जातकों को शुभ फल प्रदान कर उसका जीवन सुखमय बनाते है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शनि इस पूजा से होते हैं प्रसन्न
ज्योतिष में शनिदेव का विशेष महत्व है। कुंडली में शनि के शुभ होने पर व्यक्ति सभी तरह के सुख, ऐश्वर्य और भोगविलास पूर्वक जीवन व्यतीत करता है। वहीं कुंडली में अशुभ शनि के होने पर व्यक्ति का समाज में अपयश, बुराई, बीमारी, आर्थिक तंगी, घरेलू कलह और तमाम तरह की परेशानियों से जूझता रहता है। शनि न्याय प्रिय देव है। वे किसी के साथ ना तो अन्याय करते हैं और ना ही अन्याय होने देते हैं। शनि को दोषों से दूर रहने के लिए हनुमानजी के साथ शिवजी की उपासना का भी महत्व है। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनि की प्रतिमा को तेलाभिषेक किया जाता है। 

शनि जयंती पर ऐसे करें शनि उपासना 
- शनि जयंती के दिन सुबह स्नान कर शनि मंदिर जाकर तेल अर्पित करें।
- शनि जयंती पर गरीबों को दान करें।
- शनि के तंत्रोक्त मंत्र ओम प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:  या फिर ओम शं शनैश्चराय नम: मंत्रों का जाप जरूर करें।
- तिल का तेल, काले तिल, काले उड़द या लौहे की कोई वस्तु जरूर दान करें।
- शनि से जुड़े दोष दूर करने या फिर उनकी कृपा पाने के लिए शिव की उपासना एक सिद्ध उपाय है। नियमपूर्वक शिव सहस्त्रनाम या शिव के पंचाक्षरी मंत्र का पाठ करने से शनि के प्रकोप का भय जाता रहता है और सभी बाधाएं दूर होती हैं।

- कुंडली में शनि से जुड़े दोषों को दूर करने के लिए शनिवार या शनि जयंती के दिन सुंदरकांड का पाठ करें और हनुमान जी के मंदिर में जाकर अपनी क्षमता के अनुसार कुछ मीठा प्रसाद चढ़ाएं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed