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वक्री शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए आजमाएं यह ज्योतिषीय उपाय
Tue, 12 May 2020 04:04 AM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 12 May 2020 04:04 AM IST
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शनि अब उल्टी चाल से चलेंगे। शनि का यह परिवर्तन 11 मई को सुबह के समय हुआ
शनि अब उल्टी चाल से चलेंगे। शनि का यह परिवर्तन 11 मई को सुबह के समय हुआ। इससे पहले शनि मार्गी अवस्था में स्वयं की राशि मकर में भ्रमण कर रहे थे। शनि 11 मई से 29 सितंबर तक वक्री अवस्था में रहेंगे। ज्योतिष में शनि के साथ अन्य ग्रहों के वक्री होने की घटना को महत्वपूर्ण माना जाता है। शनि की उल्टी चाल से कई राशियों की परेशानियां बढ़ जाती है। जिन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही है उन पर शनि के वक्री होने का बुरा प्रभाव पड़ेगा। ज्योतिष में अशुभ शनि के प्रभाव को कम करने के लिए कुछ उपाय बताए गए है जिसको करने से वक्री शनि का अशुभ प्रभाव कम हो जाता है।
- शनिदेव के प्रकोप को शांत करने के लिए यह मंत्र काफी प्रभावी हैं। शनिदेव को समर्पित इस मंत्र को श्रद्धा के साथ जपने से निश्चित रूप से आपको लाभ होगा।
ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनिश्चराय नम:
- कुंडली में शनि से जुड़े दोषों को दूर करने के लिए प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। संभव हो तो सुंदरकांड का पाठ भी करें।
- शनि के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए शनि मंदिर में तेल के दीये जलाना चाहिए।
- गरीबों की मदद करने से शनि का प्रभाव कम हो जाता है।
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- शनिदेव के प्रकोप को शांत करने के लिए यह मंत्र काफी प्रभावी हैं। शनिदेव को समर्पित इस मंत्र को श्रद्धा के साथ जपने से निश्चित रूप से आपको लाभ होगा।
ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनिश्चराय नम:
- कुंडली में शनि से जुड़े दोषों को दूर करने के लिए प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। संभव हो तो सुंदरकांड का पाठ भी करें।
- शनि के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए शनि मंदिर में तेल के दीये जलाना चाहिए।
- गरीबों की मदद करने से शनि का प्रभाव कम हो जाता है।