मकर और कुंभ राशि के स्वामी शनिदेव 30 अप्रैल 2019 को प्रातः 6:13 पर वक्री हो गए। शनि की उलटी चाल से हमारे वातावरण और हमारे जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। शनि की यह वक्री गति 17 सितंबर 2019 तक रहेगी। इस अवधि में तमाम तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे। मई और जून के महीने में जब सूर्य मेष एवं वृषभ संक्रांति में होता है तो प्रचंड गर्मी पड़ती है। इस दौरान शनि का वक्री होना वातावरण में तापमान की वृद्धि करेगा और अप्रत्याशित गर्मी का सूचक भी बनेगा।
Retrograde Saturn : शनि की उलटी चाल से चार राशियां होंगी मालामाल, जानें अपनी किस्मत का भी हाल
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राजनैतिक क्षेत्र में शनि का प्रभाव
शनि का वक्री होना राजनीतिक दृष्टिकोण से बहुत अच्छा नहीं कहा जाएगा। शनि वातावरण में हर क्षेत्र में संतुलन का सूचक होता है और शनि का वक्री होना राजनीतिक उन्माद का सूचक बनेगा। विशेषकर 8 मई से लेकर के 17 मई के बीच में राजनीतिक हिंसा एवं राजनैतिक उन्माद के संकेत मिल रहे हैं। ऐसी स्थिति में राजनेता अपनी मर्यादा को ताक पर रख कर अमर्यादित बातें कर सकते हैं। साथ ही राजनीतिक हिंसा के भी संकेत मिल रहे हैं|
30 अप्रैल 2019 को प्रातः 6:13 पर शनि का वक्री होना कुछ प्रमुख राजनीतिज्ञों के लिए लाभकारी कहा जाएगा, परंतु कुछ राजनीतिज्ञों के लिए बहुत ही हानिकारक कहा जाएगा। देखा जाए तो जिस समय शनि वक्री हो रहा है उस समय मेष लग्न का उदय होगा और 12वें घर में शुक्र और बुध की युति और नौवें घर में शनि और केतु की युति असंतुलन का सूचक जरूर बन रहा है। शायद कुछ ऐसी घटनाएं भी नजर आएंगी, जो अप्रत्याशित हो। अगर नेताओं के नाम के आधार पर इस वक्री शनि का विश्लेषण करें, तो सर्वप्रथम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वृश्चिक राशि होती है, जिसके आधार पर शनि का वक्री होना, उनके लिए लाभकारी सिद्ध होगा। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नाम से तुला राशि होती है, जिसमें शनि महत्वपूर्ण ग्रह होता है। शनि का यहां वक्री होना थोड़ा हानिकारक हो सकता है।
समाजवादी पार्टी की कमान संभाल रहे अखिलेश यादव की बात करें तो नाम से उनकी मेष राशि बनती है। इसमें भी शनि का वक्री होना थोड़ा लाभकर हो सकता है, परंतु मीन राशि मे बुद्ध-शुक्र हानिकारक भी है, अतः इस दौरान उन्हें अपनी भाषा पर संयम रखना होगा और मर्यादा का ख्याल रखना होगा। साथ ही साथ यदि बसपा सुप्रीमो मायावती की बात करें तो नाम के आधार पर उनकी सिंह राशि बनती है। इस आधार पर वक्री शनि थोड़ा सा लाभ की स्थिति तो बनाता है, परंतु मीन राशि में शुक्र बुध जो सिंह राशि से आठवें घर में हैं, वे और ज्यादा हानिकारक है।
ममता बनर्जी के लिए भी नाम से सिंह राशि ही होगा, अतः उनके लिए भी कुछ स्थिति ऐसी ही रहेगी| ऐसे में देखा जाए तो शनि का वक्री होना इन सभी प्रमुख राजनेताओं के लिए मिलेजुले परिणाम का सूचक है, परंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ज्यादा ही लाभकारी स्थिति बन सकती है, क्योंकि वृश्चिक राशि से शुक्र-बुध की स्थिति पंचम पड़ती है और सप्तम में मंगल की स्थिति और सूर्य की स्थिति दोनों ही काफी मजबूत दिखाई दे रही है। साथ में राशि पर बृहस्पति जो मंगल से दृष्ट होगा, यह सभी ग्रह स्थिति उनके लिए अच्छे परिणाम का सूचक बन सकता है।
शनि की उलटी चाल का 12 प्रमुख राशियों पर कैसा रहेगा असर, इसे जानने के लिए आगे की स्लाइड क्लिक करें —
मेष:
शनि की उलटी चाल का मेष राशि पर मिलाजुला असर होगा। विशेष रूप से शुरुआती महीने में सामान्य स्थिति रहेगी लेकिन भविष्य में कुछेक चिंताएं दे सकता है। उलटी चाल चलते हुए शनिदेव थोड़ा स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें दे सकते हैं। इस दौरान खर्चे पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। साथ ही सहकर्मियों से मधुर वाणी का प्रयोग करें। जीवनसाथी से भी प्रेम से बोलें और इस दौरान किसी को उधार न दें।
वृषभ:
शनि की वक्री चाल के दौरान वृषभ राशि के जातकों को थोड़ा चोट-चपेट से बचना होगा। इस दौरान अनावश्यक झगड़ों से दूर रहने की जरूरत है। हालांकि यह वक्री शनि आर्थिक दृष्टिकोण से तो काफी लाभकारी दिखाई दे रहा है। व्यवसाय में अच्छी प्रगति भी होगी और मान प्रतिष्ठा बढ़ेगी। लेकिन शनि मंगल की खतरनाक स्थिति प्रारंभ के दिनों में आपको थोड़ा हानि पहुंचा सकती है। इस दौरान वाहन आदि के प्रयोग में सावधानी बरतें।