Coronavirus: इस महामारी को लेकर क्या कहता है ज्योतिषीय आंकलन, कब खत्म होगा प्रकोप?
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दुनियाभर में कोरोना का कहर जारी है। चीन से निकला ये वायरस आज विश्व में तबाही मचा रहा है। Covid-19 Pandemic से दुनियाभर में अब तक तीन हजार से भी अधिक मौतें हो चुकी हैं। जबकि डेढ़ लाख से अधिक लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। वहीं भारत में सौ से अधिक लोग इस वायरस से प्रभावित हैं और इससे दो लोगों की मौत हो चुकी है। सरकारें इस महामारी की रोकथाम के लिए तमाम तरह के आवश्यक कदम उठा रही हैं। आइए जानते हैं ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार, Covid-19 का प्रभाव कब खत्म होगा। कब दुनिया को इस महामारी से छुटकारा मिलेगा।
कौनसे ग्रह हैं इस महामारी के कारण
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, शनि, राहु और केतु ये तीनों ग्रह अप्रत्याशित परिणामों के कारक गए हैं। शनि जब अपनी स्वराशि में आता है, अप्रत्याशित घटनाओं को पैदा करता है। वर्तमान में शनि अपनी स्वराशि मकर में स्थित है। इस साल 24 जनवरी को यह इस राशि में आया था। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, शनि इस महामारी का कारक है। इसके अलावा चंद्रमा इस बीमारी को फैलाने में अपनी भूमिका निभा रहा है। क्योंकि समुद्र और समुद्र से संबंधित चीजों के लिए चंद्रमा उत्तरदायी है। साथ ही मंगल और केतु भी गुरु के साथ धनु राशि में बैठे हैं जो कि इस स्थिति को गंभीर बना रहे हैं। लेकिन 22 मार्च 2020 को जब मंगल शनि की राशि मकर में प्रवेश करेगा तो परिस्थितियां और भी गंभीर हो सकती हैं।
इतिहास बताता है कि साल 1312 में जब शनि मकर राशि में आया था तब पूरा यूरोप प्लेग जैसी महामारी से ग्रसित हो गया था। इस महामारी ने 7.5 करोड़ लोगों को मौत की नींद सुला दी थी। 1666 में भी शनि का मकर राशि में होना पुनः दुनिया के लिए बड़ा खतरा बना। इस दौरान प्लेग के कारण केवल लंदन की 20 फीसदी आबादी खत्म हो गई थी। फिर उन्नीसवीं सदी में भी शनि के अपनी स्वराशि में परिवर्तन से करोड़ों लोगों की मौतें हुई थी।
गुरु का राशि परिवर्तन करेगा इस महामारी का खात्मा
देव गुरु बृहस्पति कोविड-19 इस महीने 30 मार्च को राशि परिवर्तन कर रहे हैं। ज्योतिष गणना के मुताबिक गुरु का राशि परिवर्तन इस महामारी का काल बन सकता है। बृहस्पति का मकर में प्रवेश शनि-मंगल के इस प्रकोप को खत्म करेगा। शनि-बृहस्पति की युति इस महामारी को कमजोर कर देगी। वहीं 4 मई 2020 को जब मंगल मकर से कुंभ राशि में जाएगा तब इस वायरस का प्रभाव बहुत ही कम हो जाएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, कोरोना वायरस का कहर मई 2020 में कम हो जाएगा। हालांकि तब तक सुरक्षा और सावधानी ही बचाव है।