बुद्ध पूर्णिमा: मंगल, शनि और राहु-केतु का संयोग दिलाएगा चार राशियों को सफलता
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शनिवार, 18 मई को देश-विदेश में बुद्ध पूर्णिमा का त्योहार मनाया जाता है। वैशाख मास की पूर्णिमा को भगवान बुद्ध के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। हिन्दू और बौद्ध धर्म के लोगों के लिए बुद्ध पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। ज्योतिष के नजरिए से इस बार बुद्ध पूर्णिमा पर कई ग्रहों का अनोखा संयोग बन रहा है। साल 2019 की बुद्ध पूर्णिमा पर मंगल और राहु ग्रह मिथुन राशि में रहेंगे। वहीं शनि- केतु धनु राशि में होकर मंगल-केतु के ठीक सामने होंगे। इस तरह का संयोग बुद्ध पूर्णिमा पर 502 साल बाद पहली बार बन रहा है।
इसके अलावा सूर्य और गुरु भी एक दूसरे पर दृष्टि रखेंगे। जिससे समसप्तक राजयोग का निर्माण हो रहा है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन 6 ग्रहों का ऐसा संयोग होने से सभी 12 राशियों पर विशेष प्रभाव देखने को मिलेगा। सिंह, कन्या, कुंभ और मीन राशियों के लिए शुभ रहेगा बुद्ध पूर्णिमा के दिन बना ये संयोग। इन राशियों को सफलता और धन दौलत मिलने की पूरी संभावना है।
बैसाख पूर्णिमा का महत्व
बैसाख पूर्णिमा का विशेष महत्व है। भविष्य पुराण और आदित्य पुराण में इसे पवित्र और लाभदायी माना गया है। पकवान और मिष्ठान वितरित करना गो दान के बराबर फल देने वाला माना जाता है। भगवान विष्णु के पूजन के समय तिल के तेल का दीपक जलाना चाहिए। पवित्र नदियों में स्नान करने के समय हाथ में तिल रखकर तर्पण करने से पितरों को तृप्ति होती है और उनका आशीर्वाद भी मिलता है।