हाथ की इस उंगली के नीचे होता है बुध पर्वत, जानें इस पर्वत के शुभ-अशुभ संकेत
हस्तरेखाविद भूत, वर्तमान और भविष्य को भी आसानी से बताने में सक्षम है। हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हाथ की चार उंगलियों के नीचे पर्वत होते हैं जो व्यक्ति के स्वभाव और भविष्य की कई जानकारी देते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Palm Reading About Budh Parvat : हस्तरेखा विज्ञान एक ऐस विज्ञान है जिसका उपयोग व्यक्ति के जीवन का अध्ययन करने के लिए किया जाता है। हस्तरेखा विज्ञान में हथेली में मौजूद रेखाओं, हथेली में मौजूद पर्वत, हथेली में मौजूद सूक्ष्म रेखाओं का अध्ययन करके भविष्यवाणियां की जाती हैं। हस्तरेखाविद भूत, वर्तमान और भविष्य को भी आसानी से बताने में सक्षम है। हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हाथ की चार उंगलियों के नीचे पर्वत होते हैं जो व्यक्ति के स्वभाव और भविष्य की कई जानकारी देते हैं। कनिष्ठा या छोटी उंगली के नीचे जो पर्वत होता है उसे बुध पर्वत कहते हैं। जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि इस पर्वत का संबंध बुध ग्रह से है। आइए जानते हैं बुध पर्वत से जुड़ी खास बातें।
- बुध पर्वत की अधिकता के कारण व्यक्ति चंचल और अस्थिर स्वभाव का होता है। लेकिन अगर यह मध्यम है तो व्यक्ति बहुत देखभाल करने वाला हो जाता है।
- अगर किसी व्यक्ति की हथेली में बुध पर्वत दूसरे पर्वतों से अधिक उभरा हुआ हो तो व्यक्ति लंबे समय तक युवा दिखाई देते हैं। इन लोगों के चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती है।
- अगर अन्य पर्वतों की अपेक्षा बुध अधिक उभरा हुआ दिखाई देता है तो व्यक्ति कुशल प्रबंधक होता है। ये लोग अपनी टीम से बहुत अच्छी तरह काम करवाते हैं।
- यदि बुध पर्वत पर रेखाओं की जाली हो तो व्यक्ति को बुद्धि संबंधी कार्यों में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
- यदि बुध पर्वत दबा हुआ या चपटा दिखाई देता है तो इस प्रकार के व्यक्ति अंधविश्वासी हो सकते हैं।
- जिस व्यक्ति की हथेली में बुध पर्वत शुभ स्थिति में होता है तो ऐसे व्यक्ति का मानसिक स्तर काफी ऊंचा होता और ऐसे व्यक्ति वाकपटु भी होता है।
उपाय
बुध के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए निम्नलिखित उपाय करें:
- पीपल के पेड़ के पास हरे रंग की बोतल में गंगाजल गाड़ दें।
- बुधवार का व्रत करें और गाय को हरी घास खिलाएं।
- बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करें और लड्डू का भोग लगाएं।