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Markesh Dosh: कुंडली में कैसे बनता है मारकेश दोष,कहीं आपकी कुंडली में तो नहीं है अकाल मृत्यु का यह दोष?

Tue, 23 Aug 2022 12:54 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विनोद शुक्ला Updated Tue, 23 Aug 2022 12:54 PM IST
सार

ज्योतिष गणना के अनुसार कुंडली के दूसरे, सातवें, आठवें,दसवें और बारहवें भाव को मारकेश दोष का भाव जाना जाता है।

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Know What is Markesh Dosh Kundali Me Markesh Yog Ke Upay Markesh Dosh Remedies in Hindi
ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों की भूमिका: कुंडली में मारकेश दोष होने पर जातक के मान-सम्मान और कीर्ति में कमी आने लगती है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कुंडली में शुभ और अशुभ दोनों तरह के योग बनते हैं। अशुभ दोष में एक नाम आता है मारकेश दोष का। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर किसी जातक की कुंडली में मारकेश बनता है तो यह बहुत ही घातक और खतरनाक योग होता है। मारकेश योग से व्यक्ति के जीवन में कई तरह की दुर्भाग्य की चीजें पैदा होने लगती हैं। कुंडली में बना यह योग मृत्यु तुल्य योग माना गया है। समय पर अगर इस मारकेश दोष का पता लग जाए तो इससे मुक्ति पाने के लिए व्यक्ति को तुंरत उपाय करना चाहिए ताकि उसके जीवन में आने वाली मुसीबत कुछ कम हो सके। आइए विस्तार से जानते हैं क्या होता है मारकेश दोष और इससे मुक्ति पाने के लिए कौन से उपाय किए जाना चाहिए।

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क्या होता है मारकेश दोष और कुंडली में कैसे बनता है?
वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों और नक्षत्रों की चाल गणना के आधार पर व्यक्ति की कुंडली में कई तरह के योगों का निर्माण होता है जिसमें कुछ शुभ तो कुछ अशुभ योग होते हैं। मारकेश योग अशुभ योग की श्रेणी में गिना जाता है। अगर किसी जातक की कुंडली में यह दोष होता है उसे जीवन में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। बीमारियां और दुर्घटनाएं बढ़ने लगती हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मारकेश योग का निर्माण कुंडली में नकारात्मक फल देने वाले ग्रहों की स्थिति के कारण बनता है। अगर किसी जातक की कुंडली में मारकेश योग बनता है तो उसे ज्यादा सतर्क रहना चाहिए और समय पर किसी योग्य ज्योतिषी से इसका उपाय और सलाह अवश्य लेनी चाहिए। मारकेश योग से पीड़ित जातकों का मानसिक,शारीरिक और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 
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ज्योतिष गणना के अनुसार कुंडली के दूसरे, सातवें, आठवें,दसवें और बारहवें भाव को मारकेश दोष का भाव जाना जाता है। कुंडली का आठवां भाव व्यक्ति के आयु के बारे में जानकारी देता है। तीसरा भाव आयु का स्थान माना गया है। सातवां और दूसरा भाव जातक के मृत्यु के बारे में जानकारी देता है। 12वां भाव खर्चे का भाव होता है। मारकेश दोष कुंडली के दूसरे और सातवें भाव के नीच लग्न होने पर बनता है।
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कुंडली में मारकेश योग का प्रभाव
- कुंडली में ग्रह दोष के कारण बना मारकेश दोष बहुत ही खतरनाक योग होता है। ऐसे में अगर किसी जातक की कुंडली में यह मारकेश दोष है उसे इससे मुक्ति पाने के लिए समय पर उपाय अवश्य ही करा लेना चाहिए। 
- कुंडली में मारकेश दोष होने पर जातक के मान-सम्मान और कीर्ति में कमी आने लगती है।
- नौकरी में परेशानियां और व्यवसाय में लगातार नुकसान होने लगते हैं।
- व्यक्ति गंभीर बीमारियों की चपेट में आने लगता है और यह लाइलाज बीमारी बन जाती है।
- कार्यो में लगातार असफलताएं मिलने लगती हैं।
- कुंडली में मारकेश दोष होने पर व्यक्ति के सारे काम धीरे-धीरे धीमे हो जाते हैं।
- जातक की कुंडली में मारकेश दोष होने पर अकाल मृत्यु की संभावना सबसे ज्यादा होती है।

मारकेश दोष से मुक्ति पाने के उपाय
- जिन जातकों की कुंडली में मारकेश दोष है उन्हें लगातार भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए।
- मारकेश दोष से पीड़ित व्यक्ति को हर सोमवार को भगवान शिव का रुद्राभिषेक जरूर करना चाहिए। इस उपाय से मारकेश दोष का प्रभाव कम होने लगता है। 
- ऐसे व्यक्ति को महामृत्युंजय मंत्र का सवा लाख बार जाप करवाना चाहिए।
- हर दिन व्यक्ति को एक माला का जाप रोग नाशक मंत्र के नाम करना चाहिए।

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