राकेश/इंटरनेट डेस्क।
इन दिनों चर्चा है कि 21 दिसम्बर 2012 को महाप्रलय आएगा और दुनिया समाप्त हो जाएगी। ऐसी बातें पिछले कुछ सालों से जोरों पर है। इसका कारण यह है कि 21 दिसम्बर 2012 के बाद माया कलैंडर की गणना समाप्त हो रही है। माया कलैण्डर को मानने वाले इसी कारण आशंकित हैं कि 21 दिसम्बर 2012 को दुनिया समाप्त हो जाएगी इसलिए माया कैलेंडर में 21 दिसम्बर 2012 के बाद कोई गणना नहीं है।
हकीकत यह है कि आधुनिकतम मशीनों के बावजूद समय-समय पर आने वाली प्राकृतिक आपदाओं को रोकने में हम नाकामयाब होते हैं क्योंकि आने वाली आपदाओं की जानकारी हमें समय से नहीं मिल पाती है। ऐसे में महाप्रलय की भविष्यवाणी कोई कैसे कर सकता हैं। महाप्रलय आएगी भी तो इसमें अभी लाखों वर्ष बाकी हैं। ऐसा हमारे पुराणों में लिखा है।
पुराणों के अनुसार महाप्रलय एक मनवंतर की समाप्ति पर आता है। प्रत्येक मनवंतर 71 महायुग का होता है। एक महायुग में 71 सतयुग, इतने ही त्रेतायुग, द्वापर युग और कलयुग होते हैं। वर्तमान में वैवस्वत मनवंतर चल रहा है जिसके सतयुग, त्रेतायुग और द्वापर समाप्त हो चुके हैं और 28वां कलयुग चल रहा है।
पुराणों में कलियुग की अवधि 1200 दिव्य वर्ष बतायी गयी है अर्थात एक कलियुग चार लाख 32 हजार सौर वर्ष का होता है। अभी 28वें कलियुग का मात्र 5 हजार 1 सौ 13 वर्ष पूरा हुआ है। इस तरह वर्तमान कलियुग को समाप्त होने में ही अभी लाखों वर्ष है। इसलिए पुराणों की मानें तो 21 दिसम्बर को दुनिया खत्म होने की बात को अफवाह के सिवा और कुछ नहीं माना जाना चाहिए।
21 दिसम्बर को ग्रहों की स्थिति की बात करें तो यहां भी कोई ऐसा संकेत नहीं मिलता है कि प्रलय आएगी। इस दिन सूर्य धनु राशि में, गुरू वृषभ में और मंगल मकर राशि में होगा। राहु वृश्चिक में और शनि तुला में होगा। ग्रहों की स्थिति यह मात्र यही संकेत मिलता है कि आने वाले कुछ समय में कुछ प्राकृतिक आपदाएं आ सकती है लेकिन महाप्रलय जैसा कुछ नहीं होगा।
दुनिया ऐसे ही चलती रहेगी। इसलिए यह बात मन से निकाल दीजिए कि महाप्रलय आने वाला है। आने वाले साल को बेहतर बनाने पर ध्यान देना ही हम सभी के लिए उचित होगा।