राकेश/इंटरनेट डेस्क।
होली को दीपावली, नवरात्र, शिवरात्रि के समान चार महारात्रियों में से एक माना गया है। इस रात में साधना करने से अन्य दिनों की अपेक्षा शीघ्रता से फल प्राप्त होता है।
वैदिक विधि विधान के अनुसार होलिका दहन की रात में कुछ उपायों से आरोग्य सुख की प्राप्ति के साथ आर्थिक समस्याओं का भी निदान हो सकता है। यह कहना है ज्योतिषी एवं धार्मिक मामलों के विशेषज्ञ पण्डित जयगोविंद शास्त्री का। इनके बताये कुछ सामन्य उपाय आप भी आजमा सकते हैं।
1. घर के सभी सदस्यों को सरसों का उबटन बनाकर पूरे शरीर पर मालिश करना चाहिए। इससे जो भी मैल निकले उसे होलिकाग्नि में डाल दें। ऐसा करने से जादू, टोने का असर समाप्त होता है और शरीर स्वस्थ रहता है।
2. होली की राख को घर के चारों ओर और दरवाजे पर छिंट दें। ऐसा करने से घर में नकारात्मक शक्तियों को प्रवेश नहीं होता है। घर में सुख-समृद्घि आती है।
3. जौ, अरसी, कुश को गाय के गोबर में मिलाकर छोटा उपला बना लें। इसे घर के मुख्य दरवाजे पर लटका दें। ऐसा करने से बुरी शक्तियों, नज़र दोष, टोने-टोटके से घर और घर में रहने वाले लोग सुरक्षित रहते हैं।
4. जलती हुई होलिकाग्नि के चारों ओर हाथ जोड़कर तीन परिक्रमा करनी चाहिए। ऐसा करने से रोग दूर होता है।
5. होलिका दहन के बाद बची हुई राख को माथे पर लगाएं। इसे लगाने का सही तरीका है बायीं ओर से दायीं ओर तीन रेखा खींचें। इसे त्रिपुण्ड कहते हैं। इसे लगाने से 27 देवता प्रसन्न होते हैं।
शस्त्रों में बताया गया है कि पहली रेखा के स्वामी महादेव हैं, दूसरी रेखा के महेश्वर और तीसरी रेखा के शिव।
इसी तरह होलिकाग्निक की राख लगाने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। इससे से आज्ञा चक्र उर्जावान होता है और मेधा शक्ति बढ़ती है।