इस साल 8 अक्तूबर को शरद पूर्णिमा की रात चांद की खूबसूरती को ग्रहण लगने जा रहा है। इससे अगस्त तारे के उदय और पूर्णचन्द्र की किरणों में नहाई हुई शरद पूर्णिमा इस बार देश के कई हिस्सों में खंडित होगी। रेवती नक्षत्र एवं मीन राशि में पडने वाला चंद्रमा शुरु से ही खंडित रहेगा।
ग्रहण के दिन सूर्योदय के साथ ही सूतक आरम्भ हो जाएगा जो रात्रि 03 बजकर 04 मिनट 20 सेकेण्ड तक रहेगा। ग्रहण काल की अवधि में शयन, स्त्री प्रसंग, उबटन लगाना वर्जित माना गया है।
गर्भवती महिला को ग्रहण के समय विशेष सावधान रहना चाहिए। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार सामान्य दिनों की तुलना में चन्द्रग्रहण में किया गया पुण्यकर्म, जप, ध्यान, दान आदि लाख गुना और सूर्यग्रहणमें दस लाख गुणा फलदायी होता है इसलिए ग्रहण के समय गुरुमंत्र, इष्टमंत्र अवश्य करें, ऐसा न करने से मंत्र को मलिनता प्राप्त होती है।