मंगल ग्रह 12 अप्रैल से मित्र राशि मेष में चल रहे थे इस राशि से निकलकर आज सुबह यह शत्रु राशि वृष में पहुंच चुके हैं। मंगल के वृष राशि में पहुंचने के साथ ही इस राशि में सूर्य, मंगल, बुध, गुरू, और शुक्र का पंचग्रही योग बन रहा है। वृष राशि से मंगल 4 जुलाई को मिथुन राशि में पहुंचेंगे। ज्योतिषीय गणना के अनुसार मंगल का वृष राशि में पहुंचना देश-दुनिया के लिए कष्टकारी रहेगा।
शनि इन दिनों तुला राशि में राहु के साथ बैठा है। मंगल के वृष राशि में आने से शनि, राहु मंगल का षडाष्टक योग बना है। मंगल इन दिनों अस्त है जो मंगल शनि के संबंध के दुष्प्रभाव को और बढ़ाएगा। पड़ोसी देशों से संबंध सुधार के प्रयास में बाधा आएगी और पुनः सीमा से संबंधित मामलों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होगी।
भारत को इन दिनों अपनी सीमा की चौकसी बढ़ानी होगी क्योंकि पड़ोसी मुल्क से घुसपैठ की कोशिश बढ़ सकती है। कुछ जगहों पर आंतकी घटनाएं घटित होने की संभावना है। देश दुनिया में बाढ़, चक्रवात, तूफान, अग्निकांड जैसी प्राकृतिक आपदाओं के अलावा मानवीय चूक के कारण होने वाली दुर्घटानाएं घटित हो सकती हैं।
मंगल का वृष में आना बाजार में तेजी लाएगा सोना, चांदी, तांबा की कीमतों में वृद्घि होगी। सरसों, सोयाबीन, क्रूड-ऑयल में भी तेजी का रूख रहेगा। बाजार भाव में तेजी का कारण यह भी है कि आज ही बुध पश्चमि में उदय हो रहा है।