भारत की 15 अगस्त 1947 को नए राष्ट्र के रूप में जन्म लेने के समय की कुंडली बृषभ लग्न की है। लग्न में ही राहू, दूसरे धनभाव में मारकेश मंगल, तीसरे पराक्रम भाव में चंद्र, सूर्य, बुध, शुक्र और शनि, छठे शत्रु भाव में बृहस्पति और सातवें भाव में केतु बैठे हैं।