नया वर्ष 2015, बुधवार की रात 12 बजे से शुरू होगा। पंचांग के अनुसार, कन्या राशि में नए साल की शुरुआत होने से देश और प्रदेश की सत्ता की नीति, नियम और निर्णय तीनों में परिस्थितियों के अनुसार फैसले लिए जाएंगे। कन्या लग्न में ही स्वगृही राहु मजबूत दशा में स्थित है। जो देश के शीर्ष नेतृत्व को असमंजस में डालेगा।
नए साल में बड़े भूकंप आने की वजह से धरती कांपेगी। मंगल और शनि की युति के चलते अग्निकांड और विस्फोट की घटनाएं होंगी, साथ ही कर्क राशि का गुरु वक्री होने की वजह से पड़ोसी देशों के साथ तनाव पैदा हो सकते हैं। बुधादित्य योग बनने से विश्व समुदाय के बीच देश की प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। हौसला बढ़ेगा। खजाना भरेगा।
शिक्षा, कला और तकनीक के क्षेत्र में अत्यधिक विकास के योग हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार ग्रेगोरियन कैलेंडर के नए साल का फलादेश ऐसा ही होगा।