फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Astrology ›   according to astrology what is mangal dosh impact and upay

मांगलिक लोगों में होते हैं यह सारे गुण, जानिए मंगल दोष का प्रभाव और उपाय

Thu, 08 Oct 2020 12:11 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 08 Oct 2020 12:11 PM IST
सार

  •  वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब किसी भी व्यक्ति की कुंडली में मंगल 1, 4, 7, 8, 12 वें स्थान में रहते है तब वह व्यक्ति मांगलिक होता है।
  • कुंडली में मंगल ग्रह के भारी होने पर जातकों पर मंगल ग्रह का विशेष प्रभाव रहता है।

विज्ञापन
according to astrology what is mangal dosh impact and upay
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिस किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल भारी होते हैं वे मांगलिक या उनके ऊपर मंगल दोष रहता है।

विस्तार

अक्सर आपने अपने घर या आस पड़ोस में लोगों को यह कहते हुए जरूर सुना होगा कि अमुक व्यक्ति मांगलिक है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिस किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल भारी होते हैं वे मांगलिक या उनके ऊपर मंगल दोष रहता है। जन्म कुंडली के अध्ययन से कुंडली के प्रथम भाव, चतुर्थ भाव, सप्तम भाव, अष्टम भाव तथा द्वादश भाव में से किसी भी भाव में मंगल का होना जन्मपत्रिका को मांगलिक बना देता है। मांगलिक कुंडलियों में यदि मंगल प्रथम भाव में वृषभ या तुला राशि के हो तो ये जातक के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालते हैं ऐसा जातक क्रोधी, झगड़ालू और जिद्दी होता है अतः इस भाव से संबंधित मांगलिक दोष का विशेष ध्यान रखें।
विज्ञापन


मांगलिक का विवाह मांगलिक से ही क्यों माना जाता है शुभ
  • कुंडली में मंगल ग्रह के भारी होने पर जातकों पर मंगल ग्रह का विशेष प्रभाव रहता है। 
  • कुंडली में मंगल का प्रभाव अधिक होने पर ऐसे जातकों में कामुकता ज्यादा होती है।
  • मांगलिक व्यक्तियों में काम की इच्छा अधिक होने के कारण इनका विवाह मांगलिक से किया जाता है।
  • मांगलिक का विवाह मांगलिक से करने पर यह एक दूसरे की इच्छा और साथ अच्छी तरह से निभाते हैं।
कुंडली में मंगल दोष कैसे
  • जब भी किसी जातक की कुंडली में मंगल ग्रह भारी होते है तब वह व्यक्ति मांगलिक कहलाता है।
  •  वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब किसी भी व्यक्ति की कुंडली में मंगल 1, 4, 7, 8, 12 वें स्थान में रहते है तब वह व्यक्ति मांगलिक होता है।
  • जो जातक मांगलिक होते हैं उनका स्वभाव गुस्सैल होता है। बात-बात में उन्हें जल्दी गुस्सा आ जाता है। लेकिन ऐसे जातकों में भूमि से संबंधित कोई भी कार्य करने पर उन्हें बहुत ही शुभ फल प्राप्त होते हैं।
  • विज्ञापन
  • कुंडली में मंगल ग्रह भारी होने पर दांपत्य जीवन में कठिनाई आती है।
मंगल दोष का जातकों पर प्रभाव
  • मंगल दोष के प्रभाव से विवाह में देरी होती है, शादी टूट सकती है, यदि विवाह हो भी जाता है तो जीवनसाथी से तालमेल का अभाव रहता है। इसके पीछे का कारण यह है कि वहीं कुंडली में सातवाँ भाव विवाह या वैवाहिक जीवन को दर्शाता है और इस भाव में मंगल का होना अशुभ होता है। यहां मंगल की स्थिति पति और पत्नी के बीच अहम के टकराव, तनाव, झगड़ा, तलाक आदि का कारण बनती है।
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
उपाय
  • मंगल के प्रभाव को कम करने के लिए मांगलिक लोगों को भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए। मंगल के अशुभ प्रभाव को करने के लिए ज्योतिष में कुछ उपाय बताए गए हैं। जिनमें मुख्य रूप से  मूंगे को धारण करना और गेहूं, मसूर की दाल, तांबा, सोना, लाल फूल, लाल वस्त्र, लाल चंदन, केशर, कस्तुरी, लाल बैल, भूमि आदि का दान करें।
मांगलिक लोगों का स्वभाव
  • मंगल ग्रह का प्रभाव ज्यादा होने से इन्हें बात-बात में जल्दी गुस्सा आता है।
  • कार्य के प्रति काफी जुनूनी स्वभाव के होते हैं।
  • इनकी वाणी कठोर होती है।
  • इन जातकों के लड़ाई-झगड़ों से डर नहीं लगता। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed