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नेपाल में भीषण तबाही से 01 लाख लोग बेघर, अब जिंदगी बचाने की जंग हुई तेज!

वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Updated Sun, 30 Aug 2026 06:30 AM IST

ग्लेशियर टूटने के बाद नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है और अब प्रभावित इलाकों में जिंदगी बचाने की जंग तेज हो गई है। बाढ़ और मलबे की चपेट में आए आठ जिलों में राहत और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है, लेकिन खराब मौसम राहत कार्यों में बड़ी बाधा बना हुआ है। शनिवार को भी मौसम बिगड़ने के कारण बचाव अभियान को बीच में रोकना पड़ा। कई इलाकों में भारी मलबा, क्षतिग्रस्त सड़कें और पुल तथा लगातार बदलते मौसम की वजह से राहत दलों को प्रभावित लोगों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

इस प्राकृतिक आपदा का असर सिर्फ तत्काल राहत और बचाव तक सीमित नहीं है, बल्कि नेपाल के सामने बड़ा मानवीय और आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, आपदा के कारण करीब एक लाख नेपाली नागरिक बेघर हो गए हैं, जबकि लगभग तीन करोड़ लोगों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है। बड़ी संख्या में परिवारों के सामने भोजन, सुरक्षित आवास, स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती पैदा हो गई है।

बिगड़ते हालात को देखते हुए नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है। रॉयटर्स के अनुसार, नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने अनुमान जताया है कि देश को राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए करीब चार से पांच अरब डॉलर की सहायता की आवश्यकता पड़ सकती है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हुए कहा कि लोगों की जान बचाने के लिए दुनिया को आर्थिक मदद के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए।

नेपाल के लिए इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना, लापता लोगों की तलाश करना और बेघर परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाना है। लेकिन चुनौती सिर्फ बचाव अभियान तक सीमित नहीं है। जिन इलाकों में सड़कें, पुल और दूसरी बुनियादी सुविधाएं तबाह हुई हैं, वहां सामान्य जनजीवन बहाल करने में लंबा समय लग सकता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय सहायता नेपाल के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। राहत और बचाव अभियान के साथ-साथ अब देश को बड़े पैमाने पर पुनर्वास और पुनर्निर्माण की तैयारी भी करनी होगी।

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