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पहले बाढ़ ने मचाई तबाही, अब नेपाल में आया भूकंप, काठमांडू तक महसूस किए गए झटके

Wed, 09 Sep 2026 01:51 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

नेपाल इन दिनों एक के बाद एक प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा है। भीषण बाढ़ और भूस्खलन की त्रासदी से उबरने की कोशिश कर रहे नेपाल में मंगलवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, रात करीब 9 बजकर 38 मिनट पर नेपाल में 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। इसके झटके राजधानी काठमांडू समेत आसपास के इलाकों में महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से लोगों में दहशत फैल गई और कई लोग एहतियातन अपने घरों से बाहर निकल आए। 

भूकंप ऐसे समय आया है जब नेपाल पहले से ही एक बेहद विनाशकारी बाढ़ की मार झेल रहा है। 26 अगस्त को ग्लेशियर के ढहने के बाद आई बाढ़ और मलबे ने देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई थी। इस आपदा में नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र में 1,300 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि हजारों लोग अब भी लापता हैं। बाढ़ ने करीब 7,500 घरों को तबाह किया और कई महत्वपूर्ण हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचाया है। 

सबसे बड़ी चिंता उन लोगों को लेकर है जो बाढ़ और भूस्खलन के बाद हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे हो सकते हैं। राहत और बचाव दल कई सुरंगों में खोज अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक करीब 121 लापता लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका जताई गई है। हाल के दिनों में बचाव अभियान के दौरान कुछ लोगों को जीवित बाहर निकाला भी गया है, जिससे अन्य लापता लोगों के सुरक्षित होने की उम्मीद बनी हुई है। 

भूकंप के झटकों ने राहत और बचाव कार्यों के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। बाढ़ से पहले ही कमजोर हो चुके कई इलाकों में किसी भी नए झटके से बुनियादी ढांचे और बचाव अभियानों पर असर पड़ सकता है। नेपाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील देशों में शामिल है। ऐसे में लगातार प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे नेपाल के लिए यह नया भूकंप चिंता बढ़ाने वाला है।

फिलहाल भूकंप से बड़े पैमाने पर नुकसान या किसी बड़ी जनहानि की तत्काल पुष्टि सामने नहीं आई है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत-बचाव अभियानों को जारी रखा गया है। एक ओर देश बाढ़ में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दे रहा है, वहीं दूसरी ओर भूकंप के झटकों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। नेपाल के सामने इस समय राहत, पुनर्वास और बचाव के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की एक बड़ी चुनौती खड़ी है।

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