जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए बृहस्पतिवार मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। केदारनाथ पैदल मार्ग, मदमहेश्वर, कुंड, छेनागाड़ और नरकोटा समेत पांच संवेदनशील स्थानों पर विभिन्न विभागों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान का अभ्यास किया। इस दौरान आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय और संसाधनों की उपलब्धता का परीक्षण किया गया। मेगा मॉक ड्रिल में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, जल पुलिस, अग्निशमन, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों ने भाग लिया। अभ्यास के दौरान घायलों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार देने, अस्पताल पहुंचाने और राहत शिविर तक पहुंचाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।