भू धंसाव प्रभावितों का 48 घंटे का धरना बुधवार को खत्म हो गया। एसडीएम ने उनसे कहा कि प्रभवितों की सहमति के बाद ही भवनों को तोड़ा जाएगा, जो भवन जर्जर हो चुके हैं सिर्फ उनको ही तोड़ा जा रहा है। वहीं प्रभावितों ने आगे की रणनीति बनाने के लिए शुक्रवार को बैठक बुलाई है। ज्योतिर्मठ के आपदा प्रभावितों ने जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के साथ तहसील परिसर में 48 घंटे का धरना प्रदर्शन किया। बुधवार को धरना समाप्त होने के बाद उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। समिति के संयोजक अतुल सती ने कहा कि एसडीएम ने आश्वासन दिया है कि प्रभावितों की सहमति के बाद ही भवनों का ध्वस्तीकरण किया जाएगा। अतुल सती ने कहा कि प्रभावितों की 11 सूत्रीय मांगें हैं, जिनपर अमल नहीं हो रहा है, इसको देखते हुए आगे की रणनीति तय की जाएगी, शुक्रवार को प्रभावितों के साथ बैठक की जाएगी और आगे की रणनीति पर विचार विमर्श किया जाएगा। आपदा प्रभावित गीता परमार का कहना है कि सरकार ने हमारे घरों को तोड़ने का आदेश दिया है, लेकिन हमारे रहने की कोई व्यवस्था नहीं की, जब तक हमारी व्यवस्था नहीं हो जाती भवनों को नहीं तोड़ा जाना चाहिए।